पुलिस पर एक तरफा कार्रवार्इ का आरोप लगाया, कर्इ स्थानीय नेता भाजपा पार्षद के पक्ष में आए
मेरठ। 19 अक्टूबर की रात परतापुर थाने की मोहिउद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल सिंह पंवार कंकरखेड़ा में भाजपा पार्षद मुनीष चौधरी के खिर्वा रोड स्थित ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट में गया था। उसके साथ एक महिला अधिवक्ता भी थी। वहां पार्षद का दारोगा व महिला से विवाद हो गया था। जिस पर दरोगा ने पिस्टल निकाल लिया था। इसके बाद भाजपा पार्षद ने दारोगा की पिटाई कर दी थी। इस घटना के बाद पार्षद को लूट व हमले के मामले में जेल भेजा गया था।
कार्यकर्ताओं में असंतोष
भाजपा पार्षद को जिस तरह से आरोपी बनाकर पुलिस ने जेल भेज दिया और दरोगा के अलावा महिला अधिवक्ता की रिपोर्ट दर्ज कर एकतरफा कार्रवाई की। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं में असंतोष और आक्रोश है। अपनी ही सरकार में भाजपा पार्षद की इतनी दुर्गति और एसएसपी का एक तरफा कार्रवाई के रवैये से कार्यकर्ता अपने पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर उंगली उठा रहे हैं। भाजपा के शास्त्रीनगर मंडल प्रभारी संजीव शर्मा का कहना है कि एसएसपी की कार्यप्रणाली एक पक्षीय है। पुलिस को निष्पक्ष होकर कार्रवाई करनी चाहिए। जिस तरह से पुलिस ने पार्टी के पार्षद को जेल भेजा और उसकी थाने के हवालात में पिटाई की वह निंदनीय है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर असंतोष जाहिर किया।
महानगर अध्यक्ष आए पार्षद के पक्ष में
महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल मारपीट के आरोपी भाजपा पार्षद के पक्ष में आए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने पार्षद के साथ पूरी तरह से हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई एक पक्षीय है। जो कि भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि दरोगा और महिला अधिवक्ता ने जो भी आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई है, वह झूठ व निराधार है। वायरल वीडियो में दरोगा जी और महिला अधिवक्ता को देखकर सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि दोनों की मंशा क्या थी होटल के भीतर। उन्होंने बताया कि शीर्ष नेतृत्व और पार्टी के उच्चपदाधिकारियेां को भी मामले से अवगत कराया जा चुका है।