13 साल पुराने मुकदमे में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को मिलेगी राहत
मेरठ। शासन ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के खिलाफ 2006 में दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया है। साथ ही किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी पर दर्ज 2007 में मुकदमे को वापस लेने के लिए शासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में डीएम, एसपी आैर अभियाेजन अधिकारी से स्पष्ट देने के लिए कहा गया है। माना जा रहा है कि जल्द ये अपने स्पष्ट मत शासन को भेजेंगे आैर दोनों के खिलाफ दर्ज वापस हो जाएंगे।
इसलिए वापस होंगे मुकदमे
शासन के विशेष सचिव जेपी सिंह से डीएम, एसपी व अभियोजन अधिकारी को जो पत्र मिला है उसमें इन दोनों के खिलाफ मुकदमों की पूरी जानकारी, विवेचना में बरामदगी, केस डायरी में दर्ज साक्ष्य समेत कर्इ जानकारी मांगी गर्इ हैं आैर इनके वापसी के संबंध में डीएम, एसएसपी व अभियोजन अधिकारी से अपना स्पष्ट मत देने के लिए कहा गया है। इन मुकदमों को जनहित में खत्म करने की वजह बतायी गर्इ है।
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पर दर्ज मुकदमे
शासन ने जिन मुकदमों के बारे में जानकारी मांगी है उनमें भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के खिलाफ 2006 में थाना सिविल लाइन में बलवा व सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर दर्ज मुकदमा शामिल है तो किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी पर 2007 में थाना खरखौदा में लूटपाट की संपत्ति प्राप्त करना आैर 2015 में भावनपुर में बलवा व अन्य धाराआें में दर्ज मुकदमा शामिल है।
इन्होंने की थी मांग
डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि 2006 में विक्टोरिया अग्निकांड के दौरान डीआर्इजी ने यह मुकदमा कायम कराया था। हमने पूरी रात जागकर लोगों को बचाने का काम किया था आैर अगले दिन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से रस्सा कूदकर उनसे मुलाकात की थी। इसी घटनाक्रम में मुकदमा दर्ज कराया गया था, जो आपराधिक नहीं है। यही हमने मांग की थी।