पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी समेत कर्इ भाजपा नेताआें ने तीखी प्रक्रिया जतार्इ
मेरठ। मोदी और योगी के राज में भी भाजपाइयों पर पुलिस की सख्ती दिखाई दे रही है। ये वही खाकी है जिसका जोर अपराध रोकने में तो चल नहीं रहा। उल्टा सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं पर अपना कानूनी चाबुक चला रही है। पूर्व सपा सरकार में जिन भाजपाइयों ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की और सरकार की नीतियों की पोल खोलने पर उन पर मुकदमे दर्ज किए गए अब भाजपा सरकार में उन्हीं मुकदमों में चार्जशीट लगा दी गई। सपा सरकार में दर्ज मुकदमों में चार्जशीट भाजपा सरकार में लगने पर भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष है। भाजपा कार्यकर्ता और पूर्व पार्षद संजीव पुंडीर का कहना है कि इससे अच्छी तो सपा सरकार ही थी कि उसके कार्यकाल में सिर्फ मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन चार्जशीट तो नहीं लगी।
सौतेला व्यवहार का लगाया आरोप
अपनी ही सरकार में हमारे उपर इस तरह का सौतेला व्यवहार होगा, यह हमने सोचा भी नहीं था। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी खाकी के इस एक्शन से खासे उत्तेजित दिख रहे हैं। उन्होंने भी खाकी को दो टूक चेतावनी जारी कर दी है कि पुलिस आंख और कान खोलकर काम करे। भाजपा का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी भाजपार्इ के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की तो पुलिस के लिए अच्छा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस निष्पक्ष होकर काम करे। भेदभाव बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। भाजपा के पूर्व प्रदेषाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने एसएसपी राजेश कुमार पांडे को लिखित में पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यह था मामला
सपा सरकार में भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, भाजपा विधायक संगीत सोम, शास्त्रीनगर मंडल अध्यक्ष संजीव शर्मा, महानगर अध्यक्ष कमलदत्त शर्मा, संजीव अग्रवाल आदि के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। आरोप है कि उक्त मुकदमे अलग-अलग थानों में राजनीतिक द्वेष के कारण दर्ज किए गए थे। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद इन मुकदमों में चार्जशीट लगा दी गई है। इसका पता चलते ही भाजपा नेताओं में रोष है।