Fight between policemen in Meerut एक तरफ जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को अपराध मुक्त करने की कोशिश में हैं वहीं दूसरी ओर उनकी ही पुलिस वर्दी की नैतिकता को ताक पर रखकर अनुशासन तार—तार कर रही है। मेरठ के थाना कंकरखेडा की योगीपुरम चौकी में जिस तरह से रात में पुलिसकर्मियों के बीच जमकर मारपीट हुई और चाकू चले। उससे मुख्यमंत्री की इस मुहिम को झटका लगा है। पुलिस चौकी के भीतर से लेकर बाहर तक पुलिसकर्मियों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ।

Fight between policemen in Meerut मेरठ के थाना कंकरखेड़ा के अंतगर्त आने वाली बाईपास स्थित योगीपुरम की पुलिस चौकी में पुलिस कर्मियों ने जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों ने एक दूसरे पर चाकुओं से भी हमला कर दिया। बताया जाता है कि पुलिस चौकी में तैनात सिपाही दीपक और सिपाही ओजस्वी के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हो गई। बताया जाता है कि इस शनिवार की देर रात को चौकी के भीतर ये खूनी संघर्ष हुआ। जिसके बाद थाना पुलिस की आज शाम तक मामले को दबाए रखा। लेकिन चौकी में मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस की ऐसी अनुशासनहीनता सामने आने पर पुलिस आलाधिकारी भी चुप्पी साध गए हैं।
योगीपुरम चौकी के भीतर पुलिसकर्मियों के बीच अपराधियों की तरह जमकर खूनी संघर्ष होता रहा। लेकिन कोई बीच—बचाव को नहीं आया। इस संघर्ष में चाकूबाजी भी हुई। मारपीट और खूनी संघर्ष का वीडियो वायरल होने पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि संघर्ष के दौरान एक सिपाही बुरी तरह से घायल हो गया है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया है।
चौकी में खूनी संघर्ष का वीडियो जैसे ही आज रविवार को वायरल हुआ तो पुलिस अधिकारियों में खलबली मच गई है। कंकरखेड़ा थाना प्रभारी सुबोध सक्सेना से इस पूरे मामले की रिपोर्ट अधिकारियों द्वारा मांगी गई है। इस बारे में आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार से बात की गई तो उनका कहना था कि मामले की जांच के लिए एसएसपी मेरठ को आदेश दिए हैं। इस पूरे प्रकरण में दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।