
मेरठ. जिस दौरान वीर जवान देश के लिए शहीद होता है। उस दौरान उसके और उसके परिवार के लिए बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, वादे किए जाते हैं। प्रशासन की ओर से तमाम घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता जाता है। ये घोषणाएं और वादे भी भुला दिए जाते हैं। कुछ ऐसा ही कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के साथ मेरठ में हुआ है।
बता दें कि मेरठ में कारगिल युद्ध में शहीद मेजर मनोज तलवार की मूर्ति साकेत चौराहे पर लगाई गई थी, लेकिन आज वह प्रतिमा गायब हो गई है। शहीदों का इससे बड़ा अपमान और क्या होगा। बसपा नेता बाबर खरदौनी ने इस बाबत जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि साकेत चौराहे पर चार-पांच साल पहले मेजर मनोज तलवार की मूर्ति लगाई गई थी। सौंदर्यीकरण के नाम पर ये मूर्ति पहले वहां से हटाई गई, इसके बाद गायब ही कर दी गई। मूर्ति कहां गई, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी शहीदों के सम्मान की बाते करती नहीं थकती, लेकिन अब उसी बीजेपी सरकार के कार्यकाल में शहीदों के साथ ये अन्याय हो रहा है। शहीदों का इससे बड़ा अपमान औऱ क्या होगा। उन्होंने कहा ये जांच का विषय है कि आज मूर्ति कहा हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से इसकी जांच की बात करते हुए मूर्ति बरामद करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन शहीद मनोज तलवार की मूर्ति को फिर से उसी जगह स्थापित करवाए। शहीद का जो अपमान हुआ है, उसके लिए माफी मांगी जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। जब तक मूर्ति बरामद करने के बाद अपने पूर्व स्थल पर नहीं लग जाती उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा।