
Khatauli assembly by-election सपा-रालोद यूपी विधानसभा का चुनाव मिलकर लड़े थे। हालांकि, प्रदेश में भाजपा फिर से सत्ता में आने में कामयाब रही थी लेकिन इस गठबंधन को कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। बात खतौली विधानसभा सीट की करें तो भाजपा और रालोद—सपा गठबंधन प्रत्याशी के बीच जीत—हार का फासला लगभग 16 हजार वोटों का था। इस सीट पर बसपा प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा था। खतौली से भाजपा के विक्रम सैनी चुनाव जीते थे। लेकिन भाजपा विधायक विक्रम सैनी को अदालत ने कवाल कांड का दोषी पाया। जिसके बाद विधानसभा से भाजपा विधायक विक्रम सैनी की सदस्यता रदद कर दी गई। जिसके बाद खतौली विधानसभा सीट पर अब उपचुनाव होगा।
खतौली विधानसभा सीट जीतने के लिए जहां भाजपा फिर से अपना पूरा दमखम लगाएगी। वहीं रालोद भी इस सीट को जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। रालोद की कोशिश होगी कि जिस वोटों के अंतर से उसके प्रत्याशी की हार हुई थी इस उपचुनाव में वोट के उस अंतर को पाट दिया जाए। भाजपा और रालोद दोनों दलों में टिकट के दावेदारों की लंबी लिस्ट है। वहीं खतौली विधानसभा उपचुनाव में टिकट के दावेदारों ने लखनऊ और दिल्ली की दौड़ शुरू कर दी है।
चर्चा है कि खतौली उपचुनाव में भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सैनी की पत्नी को भी प्रत्याशी बनाया जा सकता है। खतौली विधानसभा उपचुनाव में अब भाजपा दावेदारों की लंबी लिस्ट है। रालोद से भी कई दावेदार ताल ठोक रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की दो विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव सपा व राष्ट्रीय लोकदल मिलकर लड़ रहे हैं। इसकी घोषणा सपा और रालोद कर चुके हैं। मैनपुरी लोकसभा और रामपुर विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जबकि खतौली विधानसभा उपचुनाव में रालोद का प्रत्याशी मैदान में होगा। इन तीनों सीटों पर पांच दिसंबर को मतदान होगा। जबकि आठ दिसंबर को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।