मेरठ के साधारणपुर गांव में पंचायत चुनाव में जहरीली शराब पीने से मौत का मामला
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. जिले के थाना इंचौली के साधारणपुर गांव में गत 24 अप्रैल को पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में मौत की शराब बांटी गई थी, जिसे पीने के बाद 10 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि पुलिस जांच में पाया गया कि चार लोगों की शराब पीने से मौत हुई। जबकि अन्य की बीमारी के चलते। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि सभी की मौत जहरीली शराब (Poisonous Liquor) के कारण ही हुई थी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए प्रधान पद प्रत्याशी संजय कुमार और महाराज सिंह तथा सीआईएसएफ के जवान अमित को जेल भेज दिया था। पुलिस पूछताछ में सीआईएसएफ जवान अमित ने बताया कि ग्रामीणों को गन्ने के रस में शराब और नशीली गोलियां मिलाकर पिलाई थीं। नशीली गोलियां जवान ने दिल्ली के चांदनी चौक से खरीदी थीं।
अलीगढ़ हादसे के बाद मेरठ में अलर्ट
अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद मेरठ में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मेरठ जहरीली शराब का एक बड़ा हब है। मेरठ में कुछ समय अंतराल में जहरीली शराब से मरने वालों की सूचनाएं आती रहती हैं। पिछले महीने इंचौली के साधारणपुर गाव में पंचायत चुनाव के दौरान बांटी गई शराब पीने से दस लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने उस प्रकरण में सीआईएसएफ के जवान अमित से पूछताछ की थी। इस पूछताछ में जवान ने कई बड़े राज खोले। जवान ने पुलिस को बताया था कि शराब में डाली गई नशीली गोलियां दिल्ली के चादंनी चौक स्थित मेडिकल स्टोर से खरीदी थीं। उसने शराब की सप्लाई में कुछ और लोगों के नाम भी बताए हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। बता दें कि इस मुकदमे की विवेचना इंचौली से हटाकर भावनपुर थाने में इंस्पेक्टर नीरज मलिक को दी गई है। एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
दो गांवों में हुई थी पांच की मौत
रोहटा थाना क्षेत्र के डूंगर गांव और जानी के मीरपुर जखेड़ा गांव में शराब पीने से पाच लोगों की मौत हुई थी। सितंबर 2020 में मीरपुर जखेड़ा में जगपाल और पवन की मौत हुई थी। डूंगर गांव में तीन लोग मरे थे। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर रंजिशन शराब में जहर मिलाने का मुकदमा दर्ज किया था। इसमें प्रधान पद के प्रत्याशी को जेल भेज दिया था।