विपक्षी नेताआें ने भी भाजपा सरकार के फैसले का विरोध किया
मेरठ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने की घोषणा के बाद अब यूपी के अन्य शहरों की मांग उठने लगी है। हालांकि यूपी के एक शहर को लेकर यहां के भाजपा सांसद ने नाम बदलने की खिलाफत की है। इससे भाजपा कार्यकर्ताआें में दो मत हो गए हैं। मेरठ-हापुड़ क्षेत्र के सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि मेरठ का नाम सही है, इसे बदलने की कोर्इ जरूरत नहीं है।
मेरठ के सांसद फैसले के खिलाफ
मेरठ का नाम पहले मयराष्ट्र था। जिसे बदलकर मेरठ किया गया था। लोग मेरठ को मयराष्ट्र के नाम से बहुत कम जानते हैं। सीएम के शहरों के नाम बदलने के फैसले पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि मेरठ के नाम को बदलने की जरूरत महसूस नहीं होती। सभी जानते हैं कि मेरठ का प्राचीन नाम मयराष्ट्र था। यह नाम बोलने में कठिन है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि मेरठ का नाम बदलने की जरूरत नहीं है, शहर का नाम मेरठ सही है।
विपक्षी नेता भी नहीं सहमत नहीं
अखिलेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर ने भी मेरठ का नाम बदलने पर असहमति जतार्इ है। उन्होंने कहा कि एेसा करने से योगी सरकार शहरों की पहचान खत्म कर रही है। राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव मैराजुद्दीन का कहना है कि यह गलत परंपरा है। शहरों का नाम नहीं बदले जाने चाहिए। भाजपा सरकार लोक सभा चुनाव से पहले गलत प्रथा शुरू कर रही है, इसके परिणाम अच्छे नहीं रहने वाले।