पुलिस अफसरों ने अपराध छोड़ने पर 15 हिस्ट्रीशीटरों को सम्मानित किया, फिर दावत दी
मेरठ। शनिवार को अजीब इत्तेफाक रहा। पुलिस को हमेशा तलाश रहती थी बदमाशों की आैर वे उनके आने का इंतजार करते थे आैर उनके आने पर उनकी गिरफ्तारी के लिए मुठभेड़ तक करनी पड़ती थी। आज नजारा दूसरा था, जनपद के हिस्ट्रीशीटर थाना लिसाड़ी गेट में काफी पहले पहुंचकर पुलिस अफसरों के आने का इंतजार कर रहे थे...आैर पुलिस अफसर थे कि उनके पास जल्दी पहुंचने के बजाय कुछ लेट पहुंचे। पुलिस अफसरों ने इन हिस्ट्रीशीटरों के पास आते ही कार्रवार्इ की बजाय उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया। एक-एक कर माला पहनाने के बाद इन्हें रसगुल्लों, समोसों के साथ चाय पार्टी भी की। पुलिस अफसरों से मिले निर्देशाें के बाद ये अपने-अपने घर लौट गए। यह सारा इंतजाम एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने किया था आैर थाना लिसाड़ी गेट में खुद मुख्य अतिथि भी रहे।
सरकार ने बदलने का मौका दिया
लिसाड़ी गेट थाने पर पिछले समय तक पहुंचे हिस्ट्रीशीटरों को सरकार के निर्देश पर मेरठ पुलिस ने बदलने का एक मौका दिया था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी तब कहा था कि अपराधी या तो सुधर जाएं या प्रदेश छोड़ दें। मेरठ पुलिस ने इन सभी बदमाशों को एक मौका दिया। मुख्यधारा में वापस आए इन 15 अपराधियों को रोजगार देने में मदद का भरोसा दिलाया गया है। ये अपराधी घर चलाने के लिए सब्जी का ठेला, दुकान पर काम समेत कर्इ काम कर रहे हैं। अपराध की दुनिया से नाता तोड़ने वाले भी खुश हैं।
तीन थानों के 15 अपराधी
थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र, कोतवाली और थाना देहली गेट क्षेत्र के ये 15 अपराधी हैं, जो मुख्य धारा से जुड़ रहे है। इन पर दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं, जो कि मामूली धाराओं से लेकर गंभीर धाराओं तक के हैं। इतना ही नहीं, इन पर जो मुकदमें हैं ये पिछले 25 कर्इ सालों से चले आ रहे हैं, इन मुकदमों के कारण इनको सब कुछ खत्म हो गया था।