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CM Yogi तक पहुंचीं तहसीलों की शिकायतें, मेरठ से गौतमबुद्धनगर तक तय हुआ निरीक्षण शेड्यूल

CM Yogi Tehsil Inspection Meerut: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक तहसीलों में भ्रष्टाचार और मनमानी की शिकायतें पहुंचने के बाद प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।

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Feb 06, 2026
CM Yogi तक पहुंचीं तहसीलों की शिकायतें | Image - X/@myogioffice

UP Tehsil Corruption Complaint: उत्तर प्रदेश की तहसीलों और कलेक्ट्रेट कार्यालयों में व्याप्त मनमानी और भ्रष्टाचार की शिकायतें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद प्रदेश प्रशासन में हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव ने फरवरी माह में सभी तहसीलों और कलेक्ट्रेट का अनिवार्य निरीक्षण कराने का आदेश जारी किया है।

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किसानों और आम जनता की शिकायतें बनीं कार्रवाई की वजह

लंबे समय से तहसीलों में भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मनमानी से आम लोग परेशान हैं। भारतीय किसान यूनियन सहित कई सामाजिक संगठनों द्वारा बार-बार तहसीलों पर धरना-प्रदर्शन किए जा रहे थे। इन्हीं शिकायतों और जनआक्रोश को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने सीधे हस्तक्षेप किया, जिसके बाद निरीक्षण का फैसला लिया गया।

रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि फरवरी महीने में विशेष अभियान चलाकर सभी तहसीलों और कलेक्ट्रेट कार्यालयों का निरीक्षण पूरा किया जाए। निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसे मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

मेरठ मंडल से होगी शुरुआत

मुख्य सचिव का आदेश मिलते ही मेरठ मंडल के आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने मंडल के सभी जिलों के कलेक्ट्रेट निरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। निरीक्षण की शुरुआत 9 फरवरी को मेरठ से होगी। इसके बाद 11 फरवरी को गाजियाबाद, 12 को बुलंदशहर, 14 को बागपत, 20 फरवरी को हापुड़ और 26 फरवरी को गौतमबुद्धनगर में कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया जाएगा।

डीएम भी जल्द करेंगे तहसीलों का निरीक्षण

सूत्रों के अनुसार मंडलायुक्त के कलेक्ट्रेट निरीक्षण के साथ-साथ जिलाधिकारी भी जल्द ही तहसीलों के निरीक्षण का कार्यक्रम जारी करेंगे। इस दौरान तहसीलों में कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की जाएगी। निरीक्षण को लेकर कलेक्ट्रेट और तहसील कर्मचारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। एडीएम सिटी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न पटलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करा रहे हैं।

सफाई से लेकर राजस्व मामलों तक होगी कड़ी जांच

निरीक्षण के दौरान तहसील परिसरों में साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था जैसी जनसुविधाओं की स्थिति देखी जाएगी। साथ ही राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण की गति, शिकायतों के समाधान में लगने वाले समय और प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा।

कलेक्ट्रेट में प्रमाण पत्र और IGRS मामलों पर नजर

कलेक्ट्रेट कार्यालयों में जनसुविधाओं के अलावा राजस्व न्यायालयों में सुनवाई की स्थिति, राजस्व अभिलेखागार के रखरखाव, नकल आवेदनों के निस्तारण, जाति व चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया, चरित्र सत्यापन, तहसील दिवस और आईजीआरएस के मामलों की स्थिति तथा शस्त्र लिपिक पटल की कार्यप्रणाली की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

पारदर्शी प्रशासन और त्वरित समाधान सरकार का लक्ष्य

प्रदेश सरकार का मानना है कि नियमित और सघन निरीक्षण से तहसीलों में व्याप्त अनियमितताओं पर लगाम लगेगी। इससे आम जनता को राहत मिलेगी और सरकारी कार्यालयों में जवाबदेही तय होगी। निरीक्षण के बाद जिन जगहों पर खामियां पाई जाएंगी, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
06 Feb 2026 05:27 pm
Published on:
06 Feb 2026 05:26 pm
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