
4 महीने घर में बंद रहा बेटी का शव, PC- Patrika
मेरठ में एक चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सदर बाजार क्षेत्र के तेली मोहल्ले में 34 वर्षीय प्रियंका बिश्वास का कंकाल बन चुका शव घर के अंदर बरामद हुआ है। शव इतना सड़ा-गला था कि पोस्टमार्टम में मौत का कारण या सही समय पता नहीं चल सका। अब जांच डीएनए और मोबाइल कॉल डिटेल्स पर निर्भर है।
प्रियंका बिश्वास अपने 76 वर्षीय पिता उदय भानु बिश्वास (या उदयभान बिस्वास) के साथ तेली मोहल्ले के एक छोटे से दो कमरों वाले मकान में रहती थीं। मूल रूप से बंगाल के रहने वाले उदय भानु काशी में शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत थे और 2010 में रिटायर हो चुके हैं। प्रियंका प्राइवेट कंप्यूटर टीचर थीं और कंप्यूटर विषय पढ़ाती थीं। उनकी मां का 13 वर्ष पहले निधन हो चुका था।
पुलिस और परिजनों के अनुसार, प्रियंका की मौत लगभग चार से पांच महीने पहले (दिसंबर 2025 के आसपास) लंबी बीमारी के कारण हुई थी। पिता उदय भानु ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने शव को बिस्तर पर ही पड़ा रहने दिया। कुछ दिनों तक वे शव के साथ घर में रहे और दुर्गंध छिपाने के लिए बार-बार परफ्यूम छिड़कते रहे। बाद में दिसंबर में वे ताला लगाकर हरिद्वार चले गए।
बीते शुक्रवार को जब उदय भानु हरिद्वार से लौटे, तो रिश्तेदारों (खासकर चचेरे भाई बिस्वजीत बिश्वास) को शक हुआ। उन्होंने जब घर पहुंचकर ताला खुलवाया, तो अंदर भयानक दुर्गंध फैली हुई थी। घर कूड़े और गंदगी से भरा हुआ था। बिस्तर पर प्रियंका का शव कंकाल की अवस्था में पड़ा था। शरीर का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो चुका था, केवल पैरों के कुछ हिस्से में मांस बचा था।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि शव कई महीने पुराना होने के कारण केवल कंकाल रह गया था। मांस या त्वचा जैसी कोई सामग्री उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। अब हड्डियों से डीएनए सैंपल लेकर पहचान और आगे की जांच की जाएगी।
पुलिस प्रियंका के मोबाइल फोन की तलाश कर रही है। उदय भानु को हरिद्वार से लेकर आया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगालकर यह पता लगाया जाएगा कि शव को इतने लंबे समय तक घर में रखने के पीछे क्या कारण था। सदर कैंट की सीओ नवीना शुक्ला ने बताया कि मामले में तंत्र-मंत्र जैसी कोई बात सामने नहीं आई है, हालांकि प्रियंका के बीमार रहने के दौरान झाड़-फूंक कराने की बात जरूर आई है। पिता का कहना है कि वे अंतिम संस्कार का फैसला नहीं ले पाए और बेटी को छोड़कर जाना नहीं चाहते थे।
पूरे मोहल्ले में सनसनी फैली हुई है। पड़ोसी और रिश्तेदार हैरान हैं कि इतने लंबे समय तक किसी को खबर नहीं हुई। पिता ने कभी-कभी लोगों से कहा भी कि वे और बेटी देहरादून में रहते हैं। अब पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है।
Published on:
13 Apr 2026 08:38 pm
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