मेरठ

मिशन 2019 के लिए मायावती से मायूस कांग्रेस अब नर्इ रणनीति बनाने में जुटी, यहां होगा पार्टी में ‘मंथन’

उत्तर प्रदेश के लिए बनेगी चुनावी रणनीति, 1980 के बाद से यहां पार्टी की स्थिति बिगड़ी  
2 min read
• •
Updated: 22 Sep 2018, 7:12 PM IST
meerut
मिशन 2019 के लिए मायावती से मायूस कांग्रेस अब नर्इ रणनीति बनाने में जुटी, यहां होगा पार्टी में 'मंथन'

मेरठ। महागठबंधन की अटकलों के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने जिस तरह से तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन न कर उन राज्यों के क्षेत्रीय दलों पर भरोसाा जताया और उनसे गठबंधन किया। बसपा से मायूस हुई कांग्रेस ने अब 2019 की चुनावी रणनीति बदलने का फैसला किया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी सूत्रों के अनुसार अब कांग्रेस उप्र में बसपा के साथ कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। वहीं कांग्रेस महागठबंधन की संभावनाओं से भी इनकार नहीं कर पा रही है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति 1980 के बाद से बिगड़ी तो उसके बाद से कभी सुधरी नहीं है। पश्चिम उप्र में तो कांग्रेस का पूरी तरह से सफाया ही हो चुका है। मुजफ्फरनगर में जरूर हरेन्द्र मलिक और उनके पुत्र पंकज मलिक पार्टी के दमदार चेहरे के रूप में नजर आते हैं, लेकिन पश्चिम उप्र को लेकर पार्टी की बेरूखी से पिता-पुत्र भी अब निराश दिखने लगे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने बताया कि तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ कांग्रेस का गठबंधन टूटने के बाद अब कांग्रेस ने अपनी नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

24 सितंबर को दिल्ली में बैठक

कांग्रेस ने नई रणनीति बनाने के लिए 24 सितम्बर को दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें सभी राज्यों के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेताओं को बुलाया गया है। बैठक में तीन राज्यों के चुनाव और इसके बाद लोकसभा की तैयारियों पर गहन चर्चा की जाएगी।

उप्र पर होगी वर्धा में चर्चा

दिल्ली में होने वाली कांग्रेस राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक और उसमें लिए गए फैसले के बाद पार्टी के नेता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर महाराष्ट्र के सेवाग्राम वर्धा में एकत्र होंगे। वहां पर दो दिवसीय 'मंथन' कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राजनीति और विपक्ष से निपटने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। वर्धा में 2019 में उप्र का चुनाव की रणनीति पर ही पूरा फोकस होगा। कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर हमारी पार्टी के नेता सेवाग्राम से शांति मार्च निकालेंगे। इस मौके पर यूपीए की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद रहेंगे। जनसंपर्क अभियान के माध्यम से कांग्रेस लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।

Published on: