Highlights परतापुर में पुलिस अफसरों ने धारा 144 का हवाला देकर रोका भूमिया का पुल पर एकत्र हुए कांग्रेसियों ने जताया गुस्सा सरकार के खिलाफ नाराजगी, प्रशासन पर की टिप्पणी
मेरठ। शुक्रवार को मेरठ में हुए बवाल के बाद शहर सामान्य है। इस बवाल में मारे गए लोगों और घायलों का हाल जानने के लिए मंगलवार को कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) को मेरठ जनपद की सीमा परतापुर पर रोक लिया गया। पुलिस अफसरों ने धारा 144 का हवाला देते हुए शहर में प्रवेश करने से मना किया। साथ ही यह भी कहा कि उनके आने से शहर में कुछ होता है तो उनकी जिम्मेदारी होगी। इस दोनों राहुल-प्रियंका बिना पीडि़त परिवारों से मिले अपने काफिले के साथ लौट गए। दोनों नेताओं के आने की जानकारी मिलने के बाद भूमिया का पुल इलाके में काफी संख्या में कांग्रेसी एकत्र हो गए थे, लेकिन जब उन्हें प्रियंका-राहुल के वापस लौटने की जानकारी एसपी सिटी डा. एएन सिंह ने दी तो कांग्रेसियों ने जमकर नाराजगी दिखाई।
प्रियंका-राहुल के आने की सूचना पर यहां पूर्व विधायक पंडित जयनारायण शर्मा, पंडित नवनीत नागर, पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा समेत काफी कांग्रेसी यहां पहुंचे थे। इसको लेकर यहां पुलिस फोर्स लगा दी गई थी। एसपी सिटी डा. एएन सिंह भी यहां पहुंचे। फोन पर ही उन्हें सूचना दी गई कि प्रियंका-राहुल को परतापुर में रोक दिया गया और वे वापस लौट रहे हैं। जब एसपी सिटी ने ये जानकारी कांग्रेसियों को दी तो वे गुस्से में आ गए और सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेसी यहां लिसाड़ी रोड पर बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए। पूर्व विधायक जयनारायण शर्मा ने कहा कि हिन्दू-मुस्लिम यहां एक है, फिर प्रशासन को क्या परेशानी है। राहुल-प्रियंका को रोककर क्यों बवाल कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यहां हिन्दू-मुस्लिम एक है, चाहे लड़वाने की कितनी ही कोशिश कर लो। करीब आधे घंटे बाद सभी कांग्रेसी यहां से लौट गए।