मेरठ के स्विंग गेंदबाज प्रवीण कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा
मेरठ। मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का सपना अधूरा रह गया है, क्योंकि यह सपना उन्होंने अपने आदर्श गेंदबाज प्रवीण कुमार उर्फ पीके को लेकर देखा था। पीके के अचानक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने से पीके के फैन्स ही नहीं, देशभर के क्रिकेट प्रेमियों को झटका लगा है। भुवनेश्वर ने तो वैसे भी प्रवीण की अगुवार्इ में अपनी क्रिकेट को निखारा था। 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में पहली बार टीम इंडिया के चयन के बाद प्रवीण कुमार को 2012 तक मौके मिले, वह बीच-बीच में चाेटिल भी हुए। ये वो समय था जब भुवनेश्वर कुमार भी 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ ही टी-20 इंटरनेशनल आैर वनडे टीम में पदार्पण कर चुके थे। भुवनेश्वर कुमार पाकिस्तान के खिलाफ खेलकर मेरठ में अपने होम ग्राउंड भामाशाह क्रिकेट मैदान में पहुंचे थे। तब भुवनेश्वर कुमार ने प्रवीण कुमार को लेकर भारत के लिए अपने सपने के बारे में बताया था (खबर के साथ लगा उपर फोटो भी तभी का है)। अब प्रवीण के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने से भुवनेश्वर का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।
पीके के साथ आेपनिंग गेंदबाजी करना चाहते थे
टीम इंडिया के ये दोनों नगीने मेरठ के हैं, एक ही होम ग्राउंड विक्टोरिया पार्क अब (भामाशाह ग्राउंड) है आैर दोनों के एक ही कोच रहे हैं संजय रस्तोगी। प्रवीण कुमार ने जब 2007 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में प्रवेश किया तो भुवनेश्वर उस समय जूनियर क्रिकेट के बाद रणजी क्रिकेट में प्रवेश कर चुके थे। यूपी रणजी क्रिकेट टीम में प्रवीण आैर भुवनेश्वर कुमार ने एक साथ गेंदबाजी भी की थी आैर दोनों ने विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान करके रख दिया था। दोनों स्विंग गेंदबाज हैं तो नर्इ गेंद के साथ यूपी को इन्होंने काफी मैच जिताए थे। भुवनेश्वर कुमार जब 2012 में इंटरनेशनल क्रिकेट में पहुंचे तो उन्होंने यही सपना देखा था कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी देश के लिए प्रवीण कुमार के साथ नर्इ गेंद से आक्रमण करें। भुवनेश्वर कुमार ने कहा था कि वह चाहते हैं कि अपने आयडल पीके के साथ वह देश के लिए आेपनिंग गेंदबाजी करें। भुवनेश्वर का यह सपना हालांकि अभी तक पूरा नहीं हो सका था, कर्इ बार प्रवीण कुमार की वापसी के मौके भी बने थे, प्रवीण कुमार भी अपने होम ग्राउंड पर जबरदस्त पसीना बहाने के लिए पहुंचते थे, लेकिन उनकी वापसी नहीं हो पायी आैर भुवनेश्वर कुमार का इंटरनेशनल क्रिकेट में पीके के साथ नर्इ गेंद से आक्रमण करने का सपना अधूरा ही रह गया।