Cyclonic storm Sitarang इस बार दिवाली के मौके पर पटाखों की जमकर आतिशबाजी की गई। पटाखों से हुआ वायु प्रदूषण अधिक देर तक नहीं ठहर पाया। मेरठ एनसीआर में पटाखें से वायु गुणवत्ता सूचकांक AQI एक बार तो 400 के ऊपर तक पहुंचा लेकिन इसके बाद इसमें कमी आई। यह संभव हो सका चक्रवाती तूफान सितरंग के कारण। इस समय चक्रवाती तूफान सितरंग के चलते मौसम में बदलाव होने की संभावना है। चक्रवाती सितरंग के चलते मेरठ और एनसीआर NCR के जिलों में भी वातावरण में परिवर्तन होगा और तेज हवाओं के चलते के आसार हैं।
Cyclonic storm Sitarang इस साल दिवाली के दौरान तटीय क्षेत्र में चक्रवाती तूफान सितरंग के आने का असर मेरठ और एनसीआर के मौसम पर भी पड़ रहा है। सितरंग के चलते एनसीआर NCR जिलों के मौसम में बदलाव आया है। इसी बदलाव का नतीजा है कि तेज हवा के चलने से वायु प्रदूषण कम हुआ है। मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिन में हवाओं की रफ्तार और अधिक तेज होने की संभावना है। जिससे मौसम में तेजी से बदलाव आएगा। हालांकि दिन में तापमान में वृद्धि हो रही है। इस समय मेरठ का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री है। वहीं हवा की रफ्तार मेरठ में इस समय 8 किमी प्रति घंटा है।
बात वायु गुणवत्ता सूचकांक की करे तो इस समय ये 200 के नीचे पहुंच गया है। PM10 इस समय 183 है। जबकि PM 2.5 का स्तर 168 है। SO2 का स्तर 23 और O3 इस समय 15 है मौसम विभाग द्वारा पूर्वानुमान हैं कि चक्रवाती तूफान सितरंग के कारण बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। मौसम वैज्ञानी डा0 एन सुभाष ने बताया कि चक्रवाती प्रसार का प्रभाव बंगाल की दक्षिण पूर्व खाड़ी के आस-पास के क्षेत्रों में बना है। इससे संबंधित चक्रवाती प्रसार समुद्र तल से औसतन 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसका असर देश भर के मौसम पर पडे़गा। इसके पश्चिम, उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और उससे सटे दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक डिप्रेशन में बदलने का पूर्वानुमान है।
अगले 48 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में बदलकर और तेज होने की आशंका है। जिससे तेज हवाओं के चलने की संभावना है। तेज हवा के चलने से वायु प्रदूषण में कुछ सुधार होगा। इस समय नमी का स्तर कुछ कम हुआ है। जिससे वायुमंडल में खतरनाक कण की संख्या कम हुई है। मेरठ और आसपास के जिलों में तेज हवाओं के चलते से तापमान पर भी इसका असर पडे़गा। जिससे दिन में गर्मी का स्तर में काफी कमी आएगी।