बैकफुट पर आई पुलिस ने रेस्टोरेंट में लगी सील खोली
मेरठ। कंकरखेड़ा में भाजपा पार्षद द्वारा दरोगा की पिटाई के मामले में आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस ने आरोपी की चौतरफा घेराबंदी शुरू कर दी थी। इसी कड़ी में देर रात पुलिस ने पार्षद के होटल को सील कर दिया गया था, लेकिन थप्पड़ की गूंज लखनऊ तक पहुंची तो पुलिस बैकफुट पर आ गई। सोमवार को लगाई गई सील मंगलवार की शाम को खोल दी गई। मंगलवार की सुबह एसएसपी कार्यालय पहुंची महिला अधिवक्ता ने इस मामले में भाजपाइयों से अपनी जान का खतरा बताया।
पुलिस ने रेस्टोरेंट में लगार्इ सील हटार्इ
एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने भाजपा पार्षद मनीष चौधरी के ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट के उस हिस्से को सील कर दिया था। होटल की जांच की जा रही थी इस कारण उसको सील किया गया था, लेकिन जांच पूरी होने के बाद सील को खोल दिया गया। उनका कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया, जिससे कोई साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न कर सके और पुलिस जांच प्रभावित न हो।
महिला अधिवक्ता ने एसएसपी से मुलाकात की
बताया जाता है पुलिस ने यह कार्रवार्इ देर रात करीब दो बजे की थी। उधर, इसी प्रकरण में घटना के समय दरोगा सुखपाल सिंह के साथ मौजूद एडवोकेट अन्य वकीलों के साथ मंगलवार को दोपहर बाद एसएसपी से मिलने पहुंची। महिला अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि सोमवार को कार से माल रोड जाते हुए भाजपा का झंडा लगी स्कार्पियो कार में सवार चार युवकों ने उनका पीछा किया। उसने आरोप लगाया कि कुछ भाजपा नेता उन्हें काॅल करके उन पर आरोपी पार्षद से समझौते का दबाव बना रहे हैं। समझौता न करने की सूरत में जान से मारने की धमकी दी जा रही है। महिला अधिवक्ता ने एसएसपी अखिलेश कुमार से मिलकर अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
सरकार तक पहुंची बात संगठन ने लिया संज्ञान
थप्पड़ की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है। जिस पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने एसएसपी से पूरे मामले की जानकारी मांगी है। वहीं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डा. महेन्द्र पांडे ने भी भाजपा के महानगर अध्यक्ष से पूरे मामले की रिपोर्ट मेल करने को कहा। जिस पर महानगर अध्यक्ष ने रिपोर्ट को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को मेल कर दिया।