मेरठ

योगी सरकार की इस उपलब्धि के बारे में क्या कहेंगे, यह नेशनल हाइवे है!

दिल्ली-पौड़ी हाइवे मार्ग पर जगह-जगह हैं गड्ढे, शहर के कर्इ मार्गों की यही स्थिति  
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Updated: 31 Mar 2018, 6:38 PM IST
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मेरठ। भाजपा उप्र में अपनी सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर अपनी उपब्धियां गिना रही है। सरकार की उपब्धियां जनता तक पहुंचे इसके लिए सरकार के कबीना मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में सरकार की उपब्धियों को आंकड़े प्रदर्शित कर बता रहे हैं, जबकि हकीकत इससे विपरीत है। मेरठ प्रभारी और सरकार में स्वास्थय मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह शुक्रवार को मवाना में सरकार की उपब्धियां गिना रहे थे। लेकिन वे जिस सड़क से होकर मवाना पहुंचे उस सड़क की हालत बया करने में वे भी पीछे नहीं रहे और अपने-विधायकों को सड़क सुधारवाने की नसीहत दे डाली।

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दिल्ली-पौड़ी हाइवे की हालत है जर्जर

दिल्ली से पौड़ी जाने वाले हाइवे की हालत जर्जर है। सडक पर कई फिट गहरे गड्ढे हो गये है। मेरठ से मवाना तक करीब 30 किमी तक पड़ने वाले इस हाइवे की स्थिति तो और भी खराब है। जगह-जगह सड़क टूटी पड़ी है। इस हाइवे पर कभी वाहन फर्राटा भरते नजर आते थे। मेरठ से मवान का सफर मात्र 20 मिनट में पूरा हो जाता था, लेकिन अब उसी मवाना तक पहुंचने में रोडवेज बस से करीब एक घंटे का समय लगता है। सड़क के इस गड्ढों में प्रतिदिन दो पहिया वाहन चालक हादसाें का शिकार होते हैं। बड़े और लोडेड वाहन की अक्सर इस सड़क पर एक्सल टूट जाता है।

हाइवे से बड़े वाहनों ने किया किनारा

इस हाइवे पर अब बड़े वाहनों ने निकलना बंद कर दिया है। पौडी जाने के लिए बड़े वाहन अब मेरठ से सीधे मुजफ्फरनगर और वहां से बिजनौर होते हुए पौड़ी जा रहे हैं। इससे करीब 50 किमी की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ रही है। लेकिन वाहन चालकों का कहना है कि यात्रा भले ही अतिरिक्त हो जाए, लेकिन वाहन तो सुरक्षित रहता है।

दस साल से नहीं बनी सड़क

मेरठ-पौड़ी मार्ग करीब दस साल पहले फोर लेन बनाया गया था, लेकिन उसके बाद से न तो इसका कोई रखरखाव हुआ और न ही इसकी कभी मरम्मत हुई। हाइवे के किनारे बसे गांव के लोग भी सड़क के इस गड्ढों के कारण हादसों का शिकार हो रहे हैं।

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