
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा, नाबालिगों की करा दी शादी
धीरेंद्र गोपाल
गोरखपुर. एक तरफ सरकार और कोर्ट बाल विवाह पर रोक लगा रही तो दूसरी ओर सरकार का ही तंत्र संख्याबल के लिए नाबालिक विवाह से परहेज नहीं कर रहा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत गोरखपुर में आयोजित सामूहिक विवाह में दो नाबालिग जोड़ों की भी शादियां प्रशासन ने करा दी। आधार कार्ड के हिसाब से इन जोड़ों की उम्र 18 साल से कम है। जबकि परिजन व प्रशासनिक अफ़सरान का कहना है कि, ये जोड़े बालिग़ हैं। जिले के एक प्रशासनिक अधिकारी तो यह भी कहते हैं कि, आधार जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है।
गोरखपुर के चम्पादेवी पार्क में आयोजित सामूहिक विवाह में आई चौरीचौरा के बिसवा गांव की लक्ष्मीना हाइस्कूल की इस बार परीक्षा दी है। वह इस समारोह में विवाह बंधन में बंधी। आधार कार्ड के मुताबिक उसकी उम्र 1 जनवरी 2001 है। लक्ष्मीना इस डेट को सही बता रही, लेकिन परिजन आधार कार्ड की तिथि को गलत बताते हुए उसे बालिग बता रहे।
इसी तरह चरगांवा ब्लॉक के भभवा गांव की रेखा भी इस सामूहिक शादी में दुल्हन बनी थी। रेखा ने पढ़ाई नहीं की है। आधार कार्ड के हिसाब से इसके जन्म का साल 2001 है। लेकिन घरवाले बताते हैं कि, रेखा बालिग़ है। उम्र 18 साल को पार कर चुकी है।
सपा ने खरमास में शादी पर सवाल उठाये थे
गोरखपुर में हुई सामूहिक शादी के खरमास में आयोजन पर समाजवादी पार्टी ने बीजेपी सरकार को जमकर कोसा था। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने कहा था कि, हिन्दू धर्म के नियमों के मुताबिक खरमास में मांगलिक कार्य नहीं होते, लेकिन हिंदूवादी कहने वाली बीजेपी खरमास में शादी करा क्या जताना चाहती है। यह समझ में नहीं आ रहा।
Published on:
31 Mar 2018, 3:43 PM IST
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