मेरठ

ढोल बजाने वालों काे कोरोना से नहीं कोरोना कर्फ्यू से परेशानी

शादी में ढोल बजाकर कमाते थे हजारों आज 100 के भी लालेपहले दिन में मिलती थी चार-पांच बुकिंग आज एक भी मुश्किल शादी में लोगों के कम शामिल होने के चलते नहीं मिलता शगुन

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May 08, 2021
अपनी परेशानी बताता ढाेलिया सोनू

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ ( meerut news ) ''साहब पहले नोटबंदी और अब कोरोना ने बुरी तरह से तोड़कर रख दिया। नोटबंदी के बाद आई मंदी का असर शादी-ब्याह पर पड़ा था और अब कोरोना के असर ने कर तोड़ दी है। इससे हमारा ढोल बजाने का काम पूरी तरह से चौपट हो गया है'' यह कहना है शादी ब्याह में भांगड़ा ढोल बजाने वाले सोनू और मोनू का। सोनू और मोनू दोनों भाई हैं। दोनों भाई पिछले कई साल से शादी-ब्याह और अन्य शुभ अवसरों पर ढोल बजाने का काम करते हैं।

एक दिन में मिलती थी कई बुकिंग, आज एक के भी लाले
ढोलियां ( Drummers ) सोनू का कहना है कि पहले एक दिन में तीन से चार बुकिंग मिल जाती थी। जिसमें वे करीब 10-20 हजार रुपये एक दिन में कमा लेते थे लेकिन आज कोरोना वायरस ( Corona virus ) की वजह से एक बुकिंग मिलना भी मुश्किल हो गया है। जो भी बुकिंग मिल रही हैं वे सभी दिन की हैं। दिन की एक बुकिंग बामुश्किल 1000-1500 रुपये के बीच मिल रही है जिसमें गुजारा करना मुश्किल होता है। सोनू का कहना है कि शादी-ब्याह या शुभ काम रोज-रोज तो होते नहीं इसलिए उनका भी कमाई का सीजन आता है। पिछले साल भी सीजन कोरोना की भेंट चढ़ गया था। इस बार भी यह कोरोना की भेंट चढ़ गया।

समारोह में कम लोगों के शामिल होने पर नहीं मिलता शगुन
मोनू का कहना है कि पहले शादी समारोह की सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल होते थे जिसके चलते डांस और अन्य रस्मों में वारफेर और शगुन के तौर पर ही हजारों रुपये मिल जाते थे लेकिन आज कोरोना कर्फ्यू ( Corona Curfew ) की वजह से कोई सौ रुपये भी नहीं एकत्र हो पाते हैं। कारण कोरोना के चलते शादी समारोह मे मेहमानों का दायरा सिमट गया है जिसके चलते उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Updated on:
08 May 2021 08:24 pm
Published on:
08 May 2021 08:21 pm
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