
मेरठ। पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है आैर इस हमले को कायरता बताते हुए पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग उठ रही है। सेना के पूर्व सैनिकों ने आतंकी हमलेे की कड़ी निंदा की है आैर पाकिस्तान का कायरता कदम बताते हुए एेसा पाठ पढ़ाने की मांग कर दी ताकि भविष्य में वह कभी भारत में एेसी हरकतें न कर सके।
'ग्रेट वाॅल आफ इंडिया' बनाए भारत
कैंट स्थित जिला पूर्व सैनिक संगठन के सदस्यों की हुर्इ श्रद्धांजलि सभा में संगठन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने कहा कि कश्मीर हमेशा ही देश की बड़ी समस्या रही है। एेसे माहौल में सभी राजनैतिक दलों को राजनीति से उपर उठकर पाकिस्तान के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए। ब्रिगेडियर रणवीर सिंह ने कहा कि 1971 में भारत ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि एेसी घटनाआें को अंजाम देने वालों की मदद करने वालों को चिन्हित करके मेजर जनरल बीएस पंवार, मेजर जनरल वीरेंद्र सिंह, मेजर जनरल एसएस अहलावत समेत अन्य पूर्व सैन्य अफसरों ने कहा कि सरकार को 'आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल एक्ट' को नहीं हटाना चाहिए। जम्मू-कश्मीर जैसी जगह पर यही एक हथियार सेना के पास है, जिससे आतंकियों के मददगारों के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है।
शहीदों को श्रद्धांजलि दी
पूर्व सैनिकों ने शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसमें मेजर राजपाल सिंह, मेजर पदम सिंह वर्मा, कर्नल एपी चौधरी, कर्नल आरएस मलिक समेत अनेक पूर्व सैन्य अफसर मौजूद रहे। इनके अलावा शहर की सामाजिक, हिन्दू संगठनों समेत अनेक संस्थाआें ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।