27 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Kanwar Yatra 2026: कौन हैं 3 IPS अफसर, जिनके कंधों पर कांवड़ यात्रा की जिम्मेदारी; यूपी में कैसी है इस बार की तैयारी?

Kanwar Yatra 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश में सुरक्षा तैयारियां तेज हो गई हैं। गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर में पुलिस ने विशेष सुरक्षा योजना लागू की है। हर 500 मीटर पर पुलिस पिकेट, 24 घंटे CCTV निगरानी, अस्थायी पुलिस चौकियां और अतिरिक्त रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई है।
3 min read
Google source verification

मेरठ

image

Harshul Mehra

Jul 27, 2026

kanwar yatra 2026 update know about 3 ips officers ghaziabad meerut muzaffarnagar

कौन हैं 3 IPS अफसर, जिनके कंधों पर कांवड़ यात्रा की जिम्मेदारी। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Kanwar Yatra 2026 UP : उत्तर प्रदेश में 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। हरिद्वार और गोमुख से जल लेकर निकलने वाले लाखों कांवड़िए मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद के रास्ते दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की ओर बढ़ते हैं। इसी वजह से इन 3 जिलों को यात्रा के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना जाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

3 जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप

गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर पुलिस ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, CCTV निगरानी, अस्थायी पुलिस चौकियों और कंट्रोल रूम के जरिए 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

गाजियाबाद में हर 500 मीटर पर पुलिस पिकेट

गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने कांवड़ मार्ग पर हर 500 मीटर की दूरी पर पुलिस पिकेट लगाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ स्वयं तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दे चुके हैं।

कौन हैं गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़?

जे. रविंद्र गौड़ 2005 बैच के IPS अधिकारी हैं। उनका जन्म 1 दिसंबर 1973 को आंध्र प्रदेश में हुआ था। उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है। गाजियाबाद आने से पहले वह आगरा पुलिस कमिश्नर के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वह कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने में जुटे हैं। उन्होंने पूरे कांवड़ मार्ग पर CCTV कैमरों से निगरानी के भी निर्देश दिए हैं।

मेरठ में बनाई गईं अस्थायी चौकियां और थाने

मेरठ पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पूरे यात्रा मार्ग पर अस्थायी पुलिस चौकियां और अस्थायी थाने स्थापित किए हैं। भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। तैयारियों की लगातार निगरानी डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी भी कर रहे हैं।

कौन हैं मेरठ SSP अविनाश पांडे?

अविनाश पांडे 2015 बैच के IPS अधिकारी हैं। मेरठ में नियुक्ति से पहले वह पीलीभीत और मऊ में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए उन्हें सिल्वर और गोल्ड कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया जा चुका है। कांवड़ यात्रा के दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

मुजफ्फरनगर में शिविरों और सुरक्षा पर विशेष फोकस

मुजफ्फरनगर प्रशासन ने कांवड़ सेवा शिविरों में पर्याप्त रोशनी, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन उपकरण और CCTV कैमरे अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही डीजे और लाउडस्पीकर का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार करने तथा यातायात बाधित न होने देने पर विशेष जोर दिया गया है।

कौन हैं मुजफ्फरनगर SSP संजय कुमार वर्मा?

संजय कुमार वर्मा 2014 बैच के IPS अधिकारी हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में मुजफ्फरनगर के SSP का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वह इटावा में एसएसपी के रूप में तैनात रहे। उन्हें सख्त और परिणाम देने वाले पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता है। कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन के साथ कई समीक्षा बैठकें की हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

रामपुर तिराहा पुलिस चौकी बनेगी अस्थायी थाना

यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए छपार थाना क्षेत्र की रामपुर तिराहा पुलिस चौकी को अस्थायी थाना घोषित किया गया है। चौकी प्रभारी सुभाष चंद्र को इसका प्रभारी बनाया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

इस बार यूपी में कांवड़ यात्रा की तैयारी कैसी है?

उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रमुख मार्गों पर CCTVकैमरे लगाए हैं। इन कैमरों की निगरानी के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

रोडवेज चलाएगा अतिरिक्त बसें

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने हरिद्वार और अन्य प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है। साथ ही बस स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता

हर साल लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं। इस बार भी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों ने सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो।