
आदित्य की फाइल फोटो।
Meerut Historysheeter Shoots Student: शाम के करीब 4 बजे। कंकरखेड़ा का जोनल पार्क रोज की तरह शांत था। कुछ लोग टहल रहे थे, तो कुछ पार्क के बाहर अपनी गाड़ियों के पास खड़े थे। तभी स्कूटी पर 12वीं की छात्रा अनुष्का पहुंची। कुछ ही पल बाद बाइक से हिस्ट्रीशीटर आदित्य प्रधान भी वहां आ गया। दोनों आमने-सामने खड़े हुए। बातचीत शुरू हुई… फिर बहस में बदल गई। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले दस मिनट बाद पूरा इलाका गोलियों की गूंज से दहल उठेगा।
पुलिस के मुताबिक, बहस के दौरान जब अनुष्का ने साफ कह दिया कि अब उसका आदित्य से कोई रिश्ता नहीं है और वह उससे बात भी नहीं करना चाहती, तो हिस्ट्रीशीटर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने कमर से पिस्टल निकाली और बिना एक पल गंवाए छात्रा पर तीन गोलियां दाग दीं। एक गोली सिर में और दो पेट में लगीं। अनुष्का सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़ी। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, आदित्य ने उसी पिस्टल से खुद के सिर में गोली मार ली। कुछ ही सेकंड में दो जिंदगियां खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थीं।
अनुष्का और आदित्य पिछले करीब 3 साल से एक-दूसरे को जानते थे। लेकिन इसी दौरान आदित्य अपराध की दुनिया में उतर गया। हत्या के प्रयास, अवैध हथियार तस्करी समेत कई मुकदमे उसके खिलाफ दर्ज हो गए। हिस्ट्रीशीटर बन चुके आदित्य की हरकतों से परेशान होकर अनुष्का ने उससे दूरी बना ली और बातचीत बंद कर दी। यही फैसला आदित्य बर्दाश्त नहीं कर सका।
करीब डेढ़ महीने पहले 16 जून को आदित्य जमानत पर जेल से बाहर आया था। पुलिस के अनुसार, बाहर आते ही उसने अनुष्का पर फिर से बात करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसी बीच छात्रा के शरीर पर बने एक टैटू को देखकर उसे शक हुआ कि उसकी जिंदगी में कोई और आ चुका है। शक धीरे-धीरे जुनून में बदल गया और जुनून आखिरकार खूनी वारदात बन गया।
जोनल पार्क के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों ने पूरी कहानी रिकॉर्ड कर ली। फुटेज में दोनों करीब 10 मिनट तक बातचीत करते दिखाई देते हैं। पुलिस का मानना है कि इसी दौरान रिश्ता खत्म करने की बात पर विवाद बढ़ा और फिर आदित्य ने पिस्टल निकाल ली। कुछ सेकंड बाद कैमरों में अफरा-तफरी दिखाई देती है और पार्क गोलियों की आवाज से गूंज उठता है।
वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम को दो अवैध पिस्टल और पांच खोखे मिले। यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि चार महीने पहले पांच अवैध पिस्टलों के साथ पकड़ा गया आदित्य, जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा हथियार कहां से ले आया? अब स्वाट टीम दोनों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि वारदात से पहले की हर कड़ी जोड़ी जा सके।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के मुताबिक, शिवलोक पुरी निवासी आदित्य प्रधान ने 2025 में आईटीआई की पढ़ाई पूरी की थी। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, अवैध हथियार तस्करी समेत छह से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे। वह कंकरखेड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर था।
Updated on:
30 Jul 2026 04:03 pm
Published on:
30 Jul 2026 08:24 am
