
जौहर यूनिवर्सिटी। (फोटो सोर्स: .jauharuniversity.edu.in)
Jauhar University Case: रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े 38 भवनों को गिराने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। कमिश्नरी कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका वापस ले ली। ट्रस्ट ने अदालत को बताया कि अपीलीय अदालत से स्थगन आदेश मिलने के बाद हाईकोर्ट में याचिका जारी रखने का उद्देश्य समाप्त हो गया है। जौहर यूनिवर्सिटी में करीब 1205 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि 162 शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि अपीलीय अदालत से राहत मिलने के बाद अब इस याचिका को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं रह गई है। इसके बाद अदालत से याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी गई। न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
याचिका में कहा गया था कि यूनिवर्सिटी में करीब 1205 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि 162 कर्मचारी कार्यरत हैं। यदि भवनों को गिराया जाता है तो छात्रों की पढ़ाई और भविष्य पर सीधा असर पड़ेगा। साथ ही शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की आजीविका भी प्रभावित होगी।
इस मामले में राज्य सरकार, मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर, रामपुर विकास प्राधिकरण, जिला पंचायत रामपुर के अपर मुख्य अधिकारी और क्षेत्र पंचायत सैदनगर को प्रतिवादी बनाया गया था। हालांकि कमिश्नरी कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में लंबित अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया।
मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। यह कार्रवाई रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से प्रस्तावित की गई थी। प्राधिकरण का कहना था कि संबंधित भवनों के मानचित्र स्वीकृत नहीं थे। कमिश्नरी कोर्ट के स्थगन आदेश के बाद फिलहाल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक बनी हुई है। अब इस पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपीलीय अदालत में जारी रहेगी, जहां अंतिम निर्णय आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और अन्य की ओर से दायर याचिका में रामपुर विकास प्राधिकरण के 15 जुलाई 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें यूनिवर्सिटी की कुल 40 इमारतों में से 38 को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए थे। ट्रस्ट ने अदालत से इस आदेश को रद्द करने और अंतिम फैसला आने तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।
Updated on:
29 Jul 2026, 3:46 PM IST
Published on:
29 Jul 2026, 3:46 PM IST
बड़ी खबरें
View Allरामपुर
उत्तर प्रदेश
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.