सूचना फ्लैश होने के बाद अफसरों ने भेजी पुलिस टीमें
मेरठ। साहब! गांव में चार कत्ल हो गए हैं, जल्दी आओ। सोमवार की शाम पुलिस कंट्रोल रूम में काॅल करके किसी ने चार कत्ल की जानकारी दी तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कंट्रोल रूम को मिली ये जानकारी उसने अपने अधिकारियों को शेयर की। जिससे चार हत्या की सूचना को लेकर पुलिस और प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। फोन परतापुर के एक गांव से किया गया था। आनन-फानन में परतापुर पुलिस को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। जिस पर काॅल करने वाले के गांव में परतापुर दलबल के साथ पहुंची तो पता चला कि जिसने कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी है वह युवक मानसिक रोगी है। पुलिस आरोपी को उठाकर थाने ले गई। बाद में परिजनों द्वारा उसकी बीमारी से संबंधित कागजात पेश करने पर आरोपी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
अज्ञात व्यक्ति ने किया था कंट्रोल रूम में फोन
दरअसल, सोमवार को किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम में काॅल करके बताया कि परतापुर के ढिंढाला गांव में चार लोेगों का कत्ल कर दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पीआरवी और थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। गांव पहुंचने पर काफी देर तक खाक छानने के बाद जब घटना की पुष्टि नहीं हुई तो पुलिस ने कत्ल की सूचना देने वाले के नंबर पर काॅल की। जिसके बाद पता चला कि सूचना देेने वाला उसी गांव का निवासी विनोद कुमार पुत्र ब्रजपाल है। पुलिस आरोपी के घर पहुंची और उसे उठाकर थाने ले आई। बाद में थाने पहुंचे आरोपी के परिजनों ने बताया कि विनोद शराब पीने का आदि है। कुछ दिन से उसका इलाज चल रहा है, जिसके चलते उसके मानसिक संतुलन सही नहीं है। उन्होंने आरोपी द्वारा फर्जी काॅल किए जाने पर पुलिस से माफी मांगते हुए उसकी बीमारी के कागजात दिखाए। इंस्पेक्टर परतापुर ने बताया कि आरोपी को चेतावनी देकर छोड़ा गया है।
इससे पहले लखनऊ भी कर चुका है काल
परिजनों ने बताया कि युवक इससे पहले लखनऊ भी काल कर चुका है। वहां से आई काल के बाद परिजनों ने लखनऊ अधिकारियों को भी इसके मानसिक रोगी होने की जानकारी दी। परिजनों ने बताया कि वे उसको मोबाइल नहीं देते उससे बचाकर रखते हैं लेकिन कहीं न कहीं से तलाशकर और नेट से नंबर सर्च कर तीन डिजिट के नंबरों पर ही काल करता है।