पहले अधिकारियों ने नहीं सुनीं समस्याएं तो बरगद के पेड़ पर चढ़ गया किसान
मेरठ. एक किसान ने गन्ने का भुगतान न होने पर अपनी मांग मंगवाने का अनोखा तरीका खोज निकाला। वह मंगलवार को दोपहर मवाना तहसील पहुंचा। उस समय तहलीस में तहसील दिवस लगा हुआ था और अधिकारी लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। किसान ने अधिकारियों के सामने गन्ना भुगतान की समस्या रखी, जिस पर अधिकारियों ने मिल जाने को और वहां शिकायत करने की बात कही। इस पर किसान आक्रोशित हो उठा और उसने अधिकारियों से कहा कि मिल में उसकी कोई नहीं सुनता। इस पर अधिकारियों ने भी भुगतान करवाने से मना करते हुए हाथ खड़े कर दिये। यह सुन पीड़ित किसान तहसील परिसर में ही बरगद के पेड़ पर चढ़ गया और गन्ना भुगतान न होने पर ऊपर से कूदने की धमकी दे डाली।
पेड़ पर चढ़े किसान का कहना था कि उसके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। स्कूल की फीस न जमा होने के कारण स्कूल संचालकों ने बच्चों को स्कूल आने से मना कर दिया है। इसके अलावा त्योहार भी पास आ रहे हैं। उस पर कर्ज का बोझ है, जो अधिकारी पहले किसान को भाव नहीं दे रहे थे। उसके पेड़ पर चढ़ते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मवाना एसडीएम अंकुश श्रीवास्तव, एडीएम राम चंद्र और तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और किसान को आश्वासन देकर नीचे उतरवाया। अधिकारियों ने किसान को आश्वासन दिया कि दीपावली से पहले एक सप्ताह का भुगतान कर दिया जाएगा, जिसके बाद किसान नीचे उतर आया।
मवाना तहसील में आए दिन किसान गन्ना भुगतान को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। उनकी मांगें हैं कि दीपावली से पहले गन्ना भुगतान किया जाना चाहिए। वहीं इस दौरान शौकीन नाम का किसान अधिकारियों से संतेाषजनक जवाब न मिलने पर बरगद के पेड़ पर चढ़ गया। वह काफी देर तक पेड़ पर चढ़ा रहा, लेकिन जैसे ही अधिकारियों को इसकी सूचना मिली तो एसडीएम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसान को भुगतान कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने मवाना चीनी मिल के उपमहाप्रबंधक अभिषेक श्रीवास्तव को भी मौके पर बुला लिया। उन्होंने भी किसानों को पूरा आश्वासन दिया कि जल्द ही बकाया गन्ना भुगतान किया जाएगा।