प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 मई को बागपत आ रहे हैं। यहां वह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन कर एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
बागपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 मई को बागपत आ रहे हैं। यहां वह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन कर एक जनसभा को संबोधित करेंगे। वहीं पीएम के इस दौरे से पहले ही जिले में कुछ ऐसा घटित हुआ है जिससे प्रशासन में हड़कंप मच हुआ है।
दरअसल, अपनी मांगों को लेकर पिछले पांच दिन से धरने पर बैठे किसानों में से एक किसान की अपना हक मांगते हुए ही मौत हो गई। जिसकी सूचना मिलने के बाद से ही जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। जिसके बाद मौके पर अधिकारी पहुंच गए हैं और किसानों से वार्ता करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन किसानों में रोष है और उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से भी फिलहाल मना कर दिया है।
बताया जा रहा है कि मौके पर कुछ किसान नेता भी पहुंच रहे हैं। का प्रयास किया जा रहा है। जबकि उपजिलाधिकारी भी मौके पर डटे हुए हैं और उन्होंने किसानों से कहा है कि इस किसान की मौत धरने पर बैठने के दौरान नहीं हुई है। यह कहीं बहार से आया था जिसके बाद इसकी यहां मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक शनिवार को भीषण गर्मी के चलते एक किसान की धरना स्थल पर ही मौत हो गयी। किसान रमाला क्षेत्र के जिवाना गांव का रहने वाला था जिसका नाम उदयवीर बताया जा रहा है।
एसडीएम बडौत अरविंद कुमार का कहना है कि जिस किसान की मौत हुई है वह धरने पर नहीं बैठा था। बल्कि बाहर से किसी काम से आया था और तहसिल में उसकी आक्स्मिक मौत हो गयी। उसका पोस्टामाटम कराया जा रहा है। इसके साथ ही धरने पर बैठे किसानों से भी दो बार वार्ता की जा चुकी है लेकिन किसान अपनी बात पर अडे हुए हैं।
गौरतलब है कि बागपत में बिजली की बढ़ाई गई दरों और गन्ने के भुगतान की मांग को लेकर किसान बड़ौत तहसील में पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। सैकडों किसान इस धरने को सफल बनाने के लिए आये दिन धरना दे रहे हैं।