जब किनौनी मिल में लगी थी आग, तभी सरधना में हुआ यह हादसा
मेरठ। मेरठ के सरधना में दुकानों में शॉर्ट सर्किट से लगी आग से दर्जनभर दुकानें जलकर राख हो गर्इ। दुकान में रखा लाखों का सामान भी हुआ खाक हो गया। सूचना पर किनौनी मिल से पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। जूते, रेडीमेड कपड़े आैर सब्जी की लगभग दर्जनभर दुकानें आग की जद में आ गर्इ।
2016 में भी यहीं लगी थी आग
इससे पूर्व 2016 में भी इसी ट्रांसफार्मर में लगी आग से दो दर्जन दुकानें स्वाहा हो गई थी। तभी से नगर पालिका से दुकानों को पक्की कराने की मांग व्यापारी करते आ रहे थे, लेकिन आज तक भी दुकानें पक्की नहीं हुई। दुकानों में आग लगने का मामला सरधना के अशोक स्तंभ मार्केट का है। सवाल इस बात का है कि पहली गलती से आज तक न तो नगर पालिका के चेयरमैन ने कोई सीख ली है न ही व्यापारियों ने और पुलिस का तो सवाल ही छोड़ दीजिए।नगर पालिका के अधिकारी और चेयरमैन मनु कहानी ने व्यापारियों की मतांग पर कोर्इ ध्यान नहीं दिया। व्यापारियों का फिर लाखों का माल राख हो गया।
यह भी पढ़ेंः मायावती के सबसे भरोसेमंद रह चुके डीजीपी ने उनके खास सिपाही पर दिया बड़ा बयान
इसलिए देर से पहुंची फायर ब्रिगेड
हालांकि व्यापारियों को अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सही से जांच की जाएगी और मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे इस तरह की घटना न हो नगर पालिका के अधिकारियों और चेयरमैन से भी इस बात पर बात की जाएगी। व्यापारियों ने फायर ब्रिगेड पर आरोप लगाया है कि सूचना के बहुत देर बाद दमकल विभाग जागा है और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घंटो के बाद मौके पर पहुंची है। उन्हें बताया गया कि दमकल गाड़ियां किनौनी मिल की आग बुझाने में लगी हुर्इ थी, इसलिए यहां पहुंचने में देरी हो गर्इ।