fire incident in meerut दिल्ली मुंडका में लगी आग में अब तक 28 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं इस हादसे के बाद आज मेरठ में एक के बाद लगातार चार आग की घटनाएं हुई। हालांकि आग की इन तीनों घटनाओं पर समय रहते काबू पा लिया गया। आग की सबसे बड़ी घटना कोयले से लदी मालगाड़ी की वैगन में लगने की है। जिससे हड़कंप मच गया।

fire incident in meerut आज शनिवार को मेरठ में कई स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुई। इसमें पहली घटना तो अल सुबह कलेक्ट्रेट में हुई। जब विकास भवन के कोविड कंट्रोल कार्यालय में आग लग गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। थोड़ी ही देर में आग इतनी बढ़ गई कि पूरे बचत भवन से आग की लपटें और भयानक धुंआ बाहर निकलने लगा। डीएम कार्यालय के पास धुंआ उठता देख तुरंत गार्ड और कर्मचारी पानी और स्प्रे लेकर डीएम कार्यालय की तरफ भागे। देखा तो बचत भवन में आग लगी थी।
कर्मचारियों ने आग बुझाने के लिए जैसे ही बचत भवन का ताला खोलकर दरवाजा खोला तो धुएं का भारी गुबार अंदर से निकला। तुरंत बिजली सप्लाई बंद कर पानी से आग पर काबू किया। इसके बाद दो कर्मचारी उसी धुएं के बीच अंदर घुस गए। पूरा बचत भवन धुएं से भरा हुआ था। कर्मचारियों का खांस ,खांसकर बुरा हाल हो गया। आग बुझाने के लिए स्प्रे डालने की कोशिश की मगर धुएं के कारण कर्मचारियों का दम घुटने लगा और दोनों लोग बाहर आ गए।
द बर्निग ट्रेन बनने से बची कोयले से लदी मालगाड़ी
वहीं दूसरी घटना रेलवे स्टेशन पर हुई। जहां शनिवार सुबह सिटी स्टेशन पर कोयले से लदी मालगाड़ी बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। कोयले से भरी मालगाड़ी मेरठ के रास्ते सहारनपुर जा रही थी। अचानक से इसके एक वैगन में आग लग गई। सिटी स्टेशन के कोचिंग स्टाफ ने आग लगते देख सूचना कंट्रोल रूम को दी। हालांकि स्टाफ की सूझबूझ और दमकल गाड़ियों के पहुंचने के बाद समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।
वहीं आग की तीसरी घटना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के लिसाड़ी रोड पर हुई। जहां बिजली के तार से निकली चिंगारी से पेंट की दुकान में आग लग गई और इससे लाखों का नुकसान हो गया। वहीं आग की चौथी घटना में कुछ शरारती तत्वों ने ढाबे व रेस्टोरेंट में लगाई आग दी। यह हादसा नेशनल हाइवे पर हुआ जहां कैलाशी हॉस्पिटल के सामने विमला देवी का ढाबा है। जिसमें शरारती तत्वों ने आग लगा दी। आग से रेस्टोरेंट के अंदर व बाहर रखा सामान जल गया।