शहीद स्मारक पर ध्वजा रोहण के बाद ही जिले में अन्य स्थानों पर होता है ध्वजारोहण। आजादी के बाद से चली आ रही परंपरा आज भी है कायम। पिछले 75 वर्ष में कई बार बदला शहीद स्मारक का स्वरूप लेकिन बरकरार है इतिहास में नाम।
मेरठ। मेरठ का शहीद स्मारक (Shaheed Smarak) जो अपने आपमें प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (Independence Day) की यादें समेटे हुए हैं। जी हां! प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 10 मई 1857 से संबंधित दस्तावेज और झांकिया इस संग्रहालय में काफी सहेजकर रखी हुई हैं। इस शहीद स्मारक की एक अन्य विशेषता है कि राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त,26 जनवरी और दो अक्टूबर को जिले में सर्वप्रथम यहां पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है उसके बाद ही जिले के अन्य स्थानों पर ध्वजारोहण किया जाता है। ऐसा सिर्फ पूरे प्रदेश ही नहीं देश भर में मेरठ ही ऐसा जिला है। जहां पर यह परंपरा आजादी के बाद से बरकरार है। सर्वप्रथम शहीद स्मारक पर ध्वजारोहण करने के बाद ही अन्य दूसरे कार्यालयों और स्कूलों में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
डिजिटल हो रहा शहीदों का स्मारक :—
इस समय शहीद स्मारक का जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। शहीद स्मारक डिजिटल होने जा रहा है। यहां पर म्यूजियम डिजिटल करने की तैयारी चल रही है। संग्रहालय का विकास कार्य हो जाने के बाद इसमें लखनऊ स्ति राजकीय संग्रहालय से मूल अभिलेख लाकर यहां पर प्रदर्शित किए जाएंगे। ये मूल् अभिलेख 10 मई 1857 से संबंधित हैं। इसके अलावा आजादी के समय के भी मूल अभिलेख इनमें शामिल हैं। यह कार्य अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा।
स्वतंत्रता सैनानियों की याद में जलाई जाएगी अमर जवान ज्योति :—
इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता सैनानियों के सम्मान में अमर जवान ज्योति शहीद स्मारक में जलाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। मेरठ में अमर जवान ज्योति ठीक उसी तरह से जलाई जाएगी, जैसी की दिल्ली के इंडिया गेट पर दशकों से जल रही है। मेरठ के शहीद स्मारक में भी यह ज्योति जलाई जाएगी। पर्यटन विभाग इसकी तैयारी में जुटा हुआ है। जिला पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी ने बताया कि अमर जवान ज्योति को प्रज्जवलित करने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। गेल गैस कंपनी ने पाइप लाइन इत्यादी बिछा दी है। उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि आगामी 15 अगस्त को इसका विधिपूर्वक उद्धाटन कर दिया जाएगा।