पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ मेरठ अपने पूर्वजों की कब्र पर आना चाहते थे। इससे पहले ही परवेज मुशर्रफ दुनिया से अलविदा हो गए।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ मेरठ आना चाहते थे। लेकिन अपनी इस हसरत को लिए वो रविवार को दुनिया से अलविदा हो गए।
मेरठ में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ के परिजनों की कब्रें हैं। परवेज मुर्शरफ के परिवार के कई लोगों को मेरठ में दफनाया गया है।
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चिश्ती पहलवान के कब्रिस्तान में दफन हैं परिजन
मेरठ में ईदगाह चौराहे के पास चिश्ती पहलवान के नाम का एक कब्रिस्तान है। कब्रिस्तान में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति व तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ के लगभग दर्जनभर परिवार दफन हैं।
हालांकि लोगों को इसकी जानकारी बहुत कम है। पाकिस्तान के ये तानाशाह मेरठ आना चाहते थे। जिससे वह अपने इन परिजनों की कब्रों पर फातिहा पढ़ सकें। लेकिन उस समय उनको पाकिस्तान छोड़ने की इजाजत नहीं थी। जिसके चलते तानाशाह परवेज मुर्शरफ मेरठ आने की हसरत दिल में ही लिए चले गए।
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मौसा और मौसी के अलावा अन्य परिजनों की कब्रें
मेरठ में तानाशाह परवेज मुशर्रफ के जिन परिजनों की कब्र हैं, उनमें उनकी मौसी सैयदा बेगम, मौसा काजी बशीरू्उदीन शामिल हैं।
इसके अलावा परवेज मुशर्रफ की मौसी की लड़की जाकिया बेगम के अलावा अन्य रिश्तेदारों की कब्रें हैं। बताया जाता है कि परवेज मुशर्रफ ने कई बार मेरठ आने के लिए कोशिश की थी। लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका।