एटीएस मेरठ और नोएडा यूनिट के संयुक्त अभियान में छापेमारी के दौरान चार पीएफआई एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। इन चारों पीएफआई एजेंटों से भारी मात्रा में आपत्तिजनक साहित्य और दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन सभी के खिलाफ थाना खरखौदा में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। चारों पीएफआई एजेंटों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इसकी पुष्टि एसएसपी मेरठ रोहित सिंह सजवाण ने की है। एटीएस ने ये कार्रवाई विभिन्न जिलों में छापेमारी के दौरान की है।
थाना खरखौदा में शनिवार को पीएफआई के चार एजेंटों को गिरफ्तार किया। इनमें दो शामली और बाकी दो अन्य जिलों के निवासी हैं। एक पीएफआई एजेंट गाजियाबाद से और एक मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि गत गुरुवार को एटीएस ने अल सुबह बडे़ पैमारे पर देश भर में पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इन सभी से एटीएस और पुलिस पूछताछ कर रही है। पीएफआई के खिलाफ छापेमार कार्रवाई को नोएडा एटीएस और मेरठ एटीएस ने दिया। एटीएस को इस अभियान में स्थानीय पुलिस ने भी मदद की है। बता दें कि गुरुवार को शामली में एटीएस की टीम ने पीएफआई के एक कार्यकर्ता को पकड़ा था।
बीते दिनों से पूरे देश में पीएफआई एजेंटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार को सुबह चार बजे मेरठ में भी एटीएस ने दी थी। हालांकि इस एटीएस की इस दबिश में पीएफआई एजेंट हाथ नहीं लगा था। एटीएस ने अलसुबह थाना देहली गेट में दबिश दी थी। टीम को जिसकी तलाश थी वह तो नहीं मिला लेकिन उसके तीन रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। वहीं गिरफ्तार किए गए पीएफआई कार्यकर्ताओं के नाम मोहम्मद शादाब अजीम कासमी, निवासी गांव सोंटा रसूलपुर थाना भवन शामली, मुफ्ती शहजाद निवासी गांव नेकपुर थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद, मौलाना साजिद निवासी गांव मामौर थाना कैराना जनपद शामली और मोहम्मद इस्लाम कासमी निवासी जोगियाखेड़ा थाना फुगाना जिला मुजफ्फरनगर हैं।
इसमें से मोहम्मद शादाब पर तीन मुकदमें दर्ज हैं। जबकि मौलाना साजिद के खिलाफ विभिन्न थानों में पांच मुकदमे दर्ज है। मुफ्ती शहजाद के ऊपर सात मुकदमे दर्ज हैं। इनसे आपत्तिजनक साहित्य और कुछ दस्तावेज टेरर फंडिग से संबंधित बरामद हुए हैं। टेरर फंडिंग के मामले में ही पीएफआइ के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी। गुरुवार अलसुबह चार बजे एटीएस की एक टीम मुजफ्फरनगर निवासी मुनीर की तलाश करते हुए देहली गेट थाने पहुंची। बताया कि घंटाघर के पास उसकी लोकेशन मिली थी। थाना पुलिस के साथ टीम ने एक घर पर दबिश दी। इस दौरान मुनीर नहीं मिला, लेकिन टीम ने उसके तीन रिश्तेदारों को हिरासत में ले लिया। सभी को थाने ले जाकर पूछताछ की गई। इसके बाद टीम लौट गई। पुलिस ने उनके नाम-पते, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी लिखकर छोड़ दिया गया।