तीन साल में एग फ्रीज करवाने वाली महिलाओं की संख्या दोगुनी हो गई है। देरी से शादी के चलते महिलाएं ऐसा कर रही हैं।
34 साल की युवती की पढ़ाई पूरी होते ही बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी लग गई। करियर के लिए शादी में देरी की। अब मनचाहा वर नहीं मिल रहा। इसलिए, एग फ्रीज करवा लिए। ताकि शादी होने पर मां बनने में इनका इस्तेमाल किया जा सके।
सैकड़ों की संख्या में एग फ्रीजिंग करवा रही युवतियां
यह सिर्फ एक मामला नहीं है। एनसीआर के जिलों में सैंकड़ों की संख्या में युवतियां एग फ्रीज करवा रही हैं। इसकी दो मुख्य वजह हैं। युवतियां करिअर को प्राथमिकता दे रही हैं। इसके लिए शादी देरी से कर रही हैं। दूसरा, जो शादी भी कर रही हैं, वे मां बनने के लिए समय ले रही हैं। कम उम्र में एग की गुणवत्ता बेहतर होती है। इसलिए, इस 25 से 30 की उम्र में एग फ्रीजिंग करवा रही हैं। आईवीएफ सेंटर में एग बैंक खुल गए हैं। इनमें एग रखे जा रहे हैं।
मेरठ निवासी युवती निजी एयरलाइंस में काम करती है। उसने बताया, शादी तो हो गई है लेकिन मां बनने से करिअर में बाधा आ जाएगी। जब तक एयरलाइंस में दफ्तर का काम नहीं मिल जाता है, मां नहीं बनना चाहूंगी। इसलिए, एग फ्रीज करवा लिया हैं।
कम उम्र में एग की गुणवत्ता अच्छी
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह का कहना है कि युवतियों में कम उम्र में एग की गुणवत्ता काफी अच्छी होती है। इसलिए करिअर की प्राथमिकता या शादी में देरी होने पर महिलाएं एग फ्रीज करा रही हैं। IVF सेंटर में एक महीने में अगर पहले पांच से छह महिलाएं एग फ्रीज करा रहीं थीं। तो अब यह संख्या 10 से 12 है। यानी लगभग दोगुनी हो चुकी है।