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17524 हीरे, 113 नीलम और 373 ग्राम सोने से बनाई घड़ी, दुनिया की सबसे अनोखी अंगूठी बनाने पर मिल चुका है इनाम

एशिया के बड़े सोने के बाजार में शामिल मेरठ में एक युवा सराफ ने सोने और हीरे की ऐसी नायाब घड़ी तैयार की है। जिसकी खासियत के बारे में जितना कहें उतना कम है।
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मेरठ

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Kamta Tripathi

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Updated: 5 Jan 2023, 4:04 PM IST

17524 हीरे, 113 नीलम और 373 ग्राम सोने से बनाई घड़ी, दुनिया की सबसे अनोखी अंगूठी बनाने पर मिल चुका है इनाम

मेरठ के युवा सराफा द्वारा बनाई गई बेशकीमती घड़ी श्रीनिका

हीरे की घड़ी और सोने की घड़ियों के बारे में तो खूब देखा और सुना होगा। लेकिन सोना, हीरा और नीलम जड़ित घड़ी के बारे में बहुत ही कम सुनने को मिला होगा। मेरठ सराफा बाजार के एक सराफा व्यापारी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है। सराफा ने ऐसी अनोखी घड़ी तैयार की है। जिसकी विश्व में धूम मची हुई है। खास बात ये है कि अभी तक कोई इसकी कीमत का अनुमान नहीं लगा सका है। घड़ी बनाने वाले सराफा व्यापारी को भी इसकी कीमत का अंदाज नहीं है।

ब्रेसलेट आधार पर बनी है घड़ी
मेरठ सर्राफा व्यापारी द्वारा ये बेशकीमती घड़ी ब्रेसलेट आधार पर बनाई गई है। इस घड़ी को बनाने में 17524 हीरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही इसमें 55 कैरेट का 373 ग्राम सोना लगा है। घड़ी में लगे हीरों को हाथ से तराशा गया हैं।


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नए-नए प्रयोग करने का आदी है सराफा व्यापारी
घड़ी बनाने वाला सराफा व्यापारी नए-नए प्रयोग करने के आदी हैं। इससे पहले 12338 हीरो की अंगूठी तैयार कर चुके हैं। इस अंगूठी को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला था। सराफा व्यापारी दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने इस तरह की अंगूठी तैयार की थी। उनसे पहले हैदराबाद के श्रीकांत ने 7801 हीरे जड़कर अंगूठी तैयार की थी।


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भारतीय संस्कृति से जुड़ी है घड़ी का नाम श्रीनिका
बताया जाता है कि यह बेशकीमती और नायाब घड़ी भारतीय संस्कृति से जुड़ी है। प्राचीन कथाओं से प्रेरित होकर ही उन्होंने इस घड़ी का निर्माण किया है। श्रीनिका नाम से यह घड़ी बनाई है। इस नाम का अर्थ होता है, वह फूल जो भगवान विष्णु के दिल में बसता है। यह सौभाग्य की सर्वोच्च देवी लक्ष्मी का प्रतीक है।

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