पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे गोतस्कर के परिजनों ने किया हंगामा
मेरठ। मेरठ में लगातार हो रहे एनकांउटर पर पुलिस और सरकार भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन मंगलवार की अलसुबह हुए गोतस्कर के एनकांउटर पर उसके परिजनों ने प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। इस पुलिस मुठभेड़ में गोतस्कर इरशाद के सिर में गोली लगी थी और उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक गोतस्कर इरशाद के परिजनों ने मोरचरी पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि पुलिस पूछताछ के बहाने से उसको उठाकर लाई थी और उसको मुठभेड़ के दौरान मार दिया गया। प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही सबसे पहले कानून-व्यवस्था सुधारने की बात की गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए अपनी पुलिस को छूट भी दी थी। उन्होंने खुद अपराधियों को चेतावनी दी थी या तो वह अपराध छोड़ दे या फिर गोली खाने के लिए तैयार रहें।
गोतस्कर के परिजनों ने लगाए आराेप
मंगलवार की सुबह सरधना क्षेत्र में पुलिस और गोतस्करों के बीच हुई मुठभेड़ अब पुलिस के गले की फांस बनती जा रही है। मुठभेड़ में मारे गए इरशाद के परिजन दोपहर को उसका शव लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने पुलिस पर इरशाद को घर से उठाकर फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का आरोप लगाया। परिजनों ने इसमें कानूनी कार्रवाई की बात कही है। बताते चलें कि मंगलवार की सुबह ही सरधना के जसड़ गांव के पास पुलिस और तथाकथित गो तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में इरशाद की मौत हो गई थी। जिसके बाद उसके परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो उन्होंने हंगामा कर कर दिया। उनका कहना है कि इरशाद के खिलाफ किसी थाने में कोई मामला दर्ज नहीं है। साथ ही उनका कहना है कि सोमवार रात दस बजे तक इरशाद घर में ही था, लेकिन रात को उसे पुलिस कब उठा कर ले गई, इसका उन्हें पता ही नहीं चला।
एसएसपी ने एेसा कहा
परिजनों ने इरशाद की मौत को फर्जी मुठभेड़ बताया है। एनकाउंटर में कितनी सच्चाई है ये तो जांच के बाद ही साफ हो पायेगा। वहीं एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि गोतस्कर को भागते ही पुलिस की गोली लगी है। घर से उठाकर ले आने की बात गलत है।