Akbar Banjara Encounter Case असम पुलिस के हाथों मुठभेड़ में मारे गए गो तस्कर अकबर बंजारा के नेटवर्क का कनेक्शन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से था। जांच में यह भी बात सामने आई है कि गो तस्कर अकबर बंजारा अपने कमाई का प्रयोग टेरर फंडिंग के लिए भी करता था। पुलिस अब गो तस्कर अकबर उसके भाई सलमान और शमीम के मोबाइल की सीडीआर निकालने का काम कर रही है।
Akbar Banjara Encounter Case पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दो लाख के इनामी गो तस्कर अकबर बंजारा और उसके भाई के आईएसआई से संबंध होने की बात सामने आ रही है। इसी के साथ वह टेरर फंडिंग के लिए भी रुपये बाहर भेजता था। इस जानकारी के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं और नए सिरे से इसकी जांच में जुट गई है। गो तस्कर अकबर बंजारा के मेरठ में किस भाजपा सफेदपोश नेता से संपर्क थे इसका पता पुलिस लगा रही है। मेरठ पुलिस ने गो तस्कर अकबर बंजारा उसके भाई सलमान और शमीम के आठ मोबाइल की सीडीआर निकालने की बात की है। इसके बैंक खाते और संपत्ति की जांच शुरू कर दी है।फलावदा स्थित बंजारन मोहल्ला निवासी अकबर बंजारा व उसका भाई सलमान को गत मंगलवार को असम पुलिस हिरासत में हुए आतंकी हमले में मारे गए थे।
असम पुलिस 14 अप्रैल को अकबर व सलमान को मेरठ से बी-वारंट पर ले गई थी। असम पुलिस का दावा है कि उग्रवादियों के हमले में मारे जाने से पहले दोनों भाइयों से अहम जानकारी मिली थी। असम पुलिस का दावा है कि अकबर बंजारा के नेटवर्क का लिंक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से था। गो-तस्करी से कमाई गई अकूत धन संपत्ति आईएसआई और कुछ चरमपंथी संगठनों को दी गई थी।
बुधवार को सुरक्षा एजेंसियों ने फलावदा पुलिस से अकबर बंजारा और उसके परिवार की पूरी जानकारी ली। अकबर बंजारा करीब सात साल से अवैध तरीके से गोमांस की तस्करी करता था। पुलिस के अनुसार असम में रेड्डी गैंग से उसके संबंध होने के बाद उसका नेटवर्क विदेशों तक फैल गया था। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया है कि मेरठ में गिरफ्तारी के दौरान अकबर बंजारा और उसके दोनों भाई सलमान, शमीम से छह मोबाइल बरामद हुए थे। आईएसआई कनेक्शन और टेरर फंडिंग की जांच गंभीरतस से की जा रही है।