
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ ( Meerut ) शादी-समारोह में शामिल होने गए युवक की संदिग्ध हालात में गोली लगने से माैत हाे गई। पुलिस ने घटना को पूरे 12 घंटे तक छिपाए रखा। गुपचुप तरीके से युवक का अस्पताल में इलाज कराया गया लेकिन उसकी माैत हाे गई। माैत हाे जाने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। युवक की मौत के कई घंटे बाद जब इसका पता परिजनों में काेहराम मच गया।
पुलिस थाने पहुंचे परिवार के लाेगाें ने घटना ( meerut crime ) की जानकारी मांगी ताे पुलिस ने उन्हे ठीक तरह से जानकारी नहीं दी। इस पर परिवार वालों और ग्रामीणाें का गुस्सा फूट पड़ा और आक्रोशित ग्रामीणों ने सकौती के पास दिल्ली-देहरादून हाईवे ( delhi meerut highway ) को जाम ( highway jaam ) कर दिया। करीब दाे घंटे तक हाइवे ग्रामीणाें के कब्जे में रहा। इस दौरान हाइवे पर कई किलाेमीटर तक वाहनों की लाइन लग गईं। ग्रामीणों की मांग थी कि गोली मारने वाले खिलाफ रिपोर्ट लिखी जाए और पुलिस सख्त कार्रवाई करे और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। हाइवे जाम की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों ने शव को उठाने से मना कर दिया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणा माने और उन्होंने करीब दो घंटे बाद हाइवे को खोल दिया।
ये था मामला
घटना सरधना ( Sardhana News ) थानाक्षेत्र के अहमदाबाद गांव की है। किसान समरपाल सिंह की पुत्री की बरात खतौली से बृहस्पतिवार शाम आई थी। शादी समारोह में भाजपा सांसद संजीव बालियान ( BJP leader Sanjeev Balyan ) और बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक भी आए थे। धूमधाम के साथ शादी का कार्यक्रम चल रहा था। रात करीब 11 बजे हर्ष फायरिंग में एक युवक को शादी समारोह में कनपटी पर गोली मार दी गई।
युवक की पहचान मोनू पुत्र संतर पाल निवासी सकौती थाना दौराला के रूप में हुई। गंभीर हालत में मोनू को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने आनन-फानन में शादी कार्यक्रम संपन्न कराकर दुल्हन की विदाई कर दी। शुक्रवार सुबह निजी अस्पताल से सरधना थाने में मीमो भेजा गया। पुलिस ने अस्पताल जाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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शादी समारोह में भाजपा सांसद ( Sanjeev Baliyan ) और विधायक के शामिल होने के दौरान हुई घटना को पुलिस ने कई घंटे छिपाए रखा। परिजनाें का आराेप है कि, शादी समारोह में मोनू को गोली मारी गई या हर्ष फायरिंग के दाैरान लगी पुलिस ने इसकी भी जांच नहीं की। इसी बात पर परिजनाें का गुस्सा फूट पड़ा।