मेरठ

नंदा देवी एक्सप्रेस पलटने की नाकाम साजिश के बाद खुफिया एजेंसियों ने संभाला मोर्चा, इन पर रखी जा रही खास नजर

मेरठ में नंदा देवी एक्सप्रेस के हादसे से बचने के बाद वेस्ट यूपी के रेलवे ट्रैकों की आरपीएफ ने बढ़ार्इ सुरक्षा गश्त
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Updated: 9 Jul 2018, 5:32 PM IST
meerut
नंदा देवी एक्सप्रेस पलटने की नाकाम साजिश के बाद खुफिया एजेंसियों की दिल्ली से सहारनपुर तक रेलवे ट्रैक पर खास नजर

मेरठ। रविवार को मेरठ के परतापुर में तड़के नंदा देवी एक्सप्रेस के चालक की सजगता के बहुत बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हुई। ट्रैक के बीचोंबीच रखा लोहे का गार्डर किसी हादसे को अंजाम देने के उद्देश्य से ही रखा गया था। इसको लेकर मेरठ से लेकर दिल्ली तक अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। भारतीय खुफिया एजेंसियां इसको हल्के में नहीं ले रही है। यही कारण है कि गुपचुप तरीके से खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली से सहारनपुर तक रेल की पटरियों के किनारे डेरा डाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।

स्लीपर सेल के जरिए घातक रणनीति में जुटे

खुफिया सूत्रों की मानें तो आतंकवादी अपने परिचित गुर्गों और स्लीपर सेल के जरिए बेहद घातक रणनीति को अंजाम देने में जुटे हैं। वह सीधे आतंकवादी हमला करने के बजाय शार्टकट तरीका अख्तियार कर रहे हैं। वे रेल पटरियों से छेड़छाड़ कर यात्री ट्रेनों को पलटने की योजना पर काम कर रहे हैं। खुफिया सूत्रों ने इस तरह की जानकारी रेलवे को दी है।

दिल्ली रेलवे मुख्यालय को लिखा पत्र

दिल्ली रेलवे मुख्यालय ने पत्र लिखकर सभी रेलवे स्टेशनों को अलर्ट जारी किया है। उन्हें हर क्षण सतर्क रहने को कहा है। दिल्ली रेलवे मुख्यालय ने अपने पत्र में इस बात का जिक्र किया है कि आतंकी संगठन आईएम और अलकायदा देश में बड़ी रेल दुर्घटना की साजिश रच रहा है। आतंकी ट्रेनों को बेपटरी कर सकते हैं।

इन रेलवे स्टेशनों को किया गया अलर्ट

दिल्ली रेल मुख्यालय की ओर से गाजियाबाद, तुगलकाबाद, पानीपत, दिल्ली, निजामुद्दीन, पलवल, आनंद विहार, मेरठ और नई दिल्ली के स्टेशनों को अलर्ट जारी किया गया है। अलकायदा रेलगाड़ियों को निशाना बनाने की धमकी पहले भी दे चुका है। उत्तर प्रदेश में पिछले साल और इस साल कई बड़े रेल हादसे हुए, जिन्हें आतंकी गतिविधियों को संदिग्ध माना गया है। पटरियां उखाड़ देना या उसकी फिश प्लेट खोल देना आसान है। इससे आतंकवादियों के पुलिस के हत्थे चढ़ने की संभावना भी कम रहती है।

50 कर्मियों पर 78 किमी रेलवे ट्रैक की सुरक्षा का जिम्मा

इंस्पेक्टर आरपीएफ जितेन्द्र यादव ने बताया कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच रेल लाइन काफी लंबी होती है। मेरठ आरपीएफ में 50 सुरक्षा कर्मियों का स्टाफ है। जिनके ऊपर 78 किमी लंबे रेलवे ट्रैक की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए गश्त तेज कर दी गई है। रात के समय सुरक्षा की अधिक जरूरत रहती है। रेलवे स्टेशनों के नजदीक रेल पटरियों के पास आबाद झुग्गी-झोपड़ियों में कौन-कौन रहता है। इन बस्तियों में रहने वालों का बाहरी कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है।

Updated on:
9 Jul 2018, 5:32 PM IST
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