जांच एजेंसियां जासूसी के आराेपी जाहिद से पूछताछ कर रही
मेरठ। पठानकोट हमले को कौन भूल सकता है। जिसमें आर्मी बेस कैंप में घुसे आतंकवादियों पर करीब 24 घंटे बाद काबू पाया जा सका था। ठीक उसी तरह की साजिश गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस और मेरठ कैंट के लिए बनाई जा रही थी। इस पूरी साजिश का सूत्रधार तो पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई थी, लेकिन मेरठ में उसके लिए जमीन तैयर कर रहा था पकड़ा गया जासूस जाहिद। जाहिद से जो जानकारी मिली है। उससे तो यहीं प्रतीत होता है कि उसको यह टार्गेट दिया गया था कि वह इन दोनों जगहों में आतंकियों के घुसने वाले सुरक्षित जगह का पता लगाए। इसके बाद का काम तो आतंकी अपने आप ही कर लेते। उत्तरी भारत के सैन्य ठिकानों में ये दोनों ही स्थान बहुत महत्वपूर्ण और अति संवेदनशील माने जाते हैं। इसलिए पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अपने जासूसों को इन दो सेन्य ठिकानों की गुप्त जानकारी के लिए लगा रखा था। आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार जाहिद से पूछताछ में खुलासा हुआ कि हिंडन एयरबेस और मेरठ कैंट आईएसआई के निशाने पर हैं।
हिंडन एयरबेस का नक्शा और खुफिया जानकारी
जाहिद से सैन्य के खुफिया अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। जिसमें उसने राज उगला कि वह आईएसआई के लिए गाजियबाद के हिंडन एयरबेस का नक्शा और उसकी खुफिया जानकारी भेज चुका है। एयरबेस को निशाना बनाने का खुलासा होने के बाद एयरफोर्स अफसरों और दिल्ली के अधिकारियों को सूचना देते हुए अलर्ट जारी किया गया है। मेरठ एटीएस के अधिकारी भी जाहिद से पूछताछ कर रहे हैं। जाहिद मेरठ कैंट की कई बार रेकी कर चुका है।
पठानकोट हमले जैसी साजिश
पाकिस्तान की खुफिया आईएसआई एजेंसी भारत के एयरबेसों पर पठान कोट जैसे हमले की साजिश रच रही है। उसने पाठनकोट के एयरबेस पर फिदायनी हमला करवाया था। इसी तरह के हमले की योजना मेरठ आर्मी बेस कैंप और गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस के लिए रची जा रही थी। जाहिद को इस काम के लिए लगाया गया था कि वह इन दोनों स्थान की खुफिया जानकारी एकत्र करे।