
मेरठ. मेरठ और सहारपुर मंडल से जुड़े नौ जिलों के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इन छात्रों को जेईई की मुख्य परीक्षा देने के लिए दिल्ली या अन्य दूसरे प्रमुख शहरों में जाना पड़ता था। लेकिन अब उन्हें यह परीक्षा अपने ही शहर मेरठ में देनी होगी। इसके लिए आनलाइन सेंटर बनाया जाएगा। सीबीएसई की इस पहल से करीब 50 हजार छात्रों को लाभ होगा। इससे पहले इस परीक्षा को देने के लिए छात्रों को दिल्ली या अन्य बड़े महानगरों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
इससे पहले कभी मेरठ जेईई की मुख्य परीक्षा का सेंटर नहीं बना। दोनों मंडलों के पांच शहरों में परीक्षा देने का विकल्प छात्रों को मिलेगा। इन पांच शहरों में गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, मुजफफरनगर, बुलंदशहर शामिल हैं। जेईई की मुख्य परीक्षा में प्रतिवर्ष करीब 50 हजार छात्र इन दोनों मंडलों से शामिल होते हैं। पिछले वर्ष तक छात्रों को आनलाइन एवं लिखित परीक्षा देने के लिए दिल्ली जाना पड़ता था। यहां के छात्रों के लिए दिल्ली के बाद दूसरे अन्य विकल्प वाले शहरों में आगरा और बरेली था, जो यहां से काफी दूर पड़ते थे। इसी कारण छात्रों को परीक्षा देने जाने-आने में तीन दिन लग जाते थे।
अप्रैल 2018 में प्रस्तावित जेईई मुख्य परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 18 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से आठ शहर में पहले से सेंटर पड़ते रहे हैं, जबकि दस नए शहरों में नए सेंटर बनाए गए हैं। पहली बार ऑनलाइन परीक्षा कराई जाएगी। इससे पहले जेईई मुख्य परीक्षा का इन शहरों में कोई केंद्र नहीं था। सेंटर बनने से छात्रों की भागदौड़ खत्म होगी और छात्र एंट्रेंस एग्जाम देने के लिए ऑनलाइन विकल्प चुन सकेंगे। इसके अलावा अन्य जिन शहरों को ऑनलाइन सेंटर के लिए चुना गया है। उनमें अलीगढ, मुरादाबाद, मथुरा, फैजाबाद, सीतापुर भी शामिल हैं। जेईई की मुख्य लिखित परीक्षा आठ अप्रैल को और आनलाइन परीक्षा 15-16 अप्रैल को होनी निर्धारित की गई है।