
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ. किसान आंदोलन का आज दसवां दिन है। आंदोलन के बाद भी अभी तक कोई हल नहीं निकला है। इसी बीच किसान आंदोलन की आड़ में पश्चिम के जिलों में हिंसा की आशंका को देखते हुए डीजीपी ने मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद और मथुरा को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं।
डीजीपी ने भेजे गए आदेश में कहा है कि प्रदर्शन की आड़ में कोई बड़ी घटना न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। जोन और रेंज स्तर के पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के लिए कहा गया है। मेरठ जोन और रेंज के आईजी और एडीजी ने जिलों के अधिकारियों को किसान आंदोलन के दौरान विशेष सतर्क रहने के लिए कहा है।
बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज रविवार को 11वां दिन है। किसान नेताओं के साथ सरकार की वार्ता असफल होने के बाद मेरठ रेज और जोन में सतर्कता बढ़ा दी गई है। डीजीपी ने मेल कर अधिकारियों को चौकन्ना रहने के निर्देश दिए हैं। किसानों और सरकार के बीच अब अगली बैठक 9 दिसंबर को होगी।
बैठक के दौरान किसान नेता तीन सवालों पर हां या ना में जवाब जानने के लिए अड़ गए। उधर, बैठक के बाद सरकार कहने लगी कि हम हर गलतफहमी दूर करने को तैयार हैं। लेकिन किसान सुझाव दे देते तो अच्छा रहता। धरने पर डटे किसानों के तेवर तल्ख होते देख प्रदेश सरकार सतर्क हो उठी है।
आईजी प्रवीण कुमार ने कहा है कि किसान आंदोलन को लेकर जोन में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसान आंदोलन की आड़ में किसी को भी हिंसा नहीं फैलाने दी जाएगी। गाजियाबाद, नोएडा और बुलंदशहर में अधिकारी पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वे खुद गाजियाबाद और नोएडा के अधिकारियों के संपर्क में हैं। स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल है।