मेरठ

LPG गैस किल्लत: घरेलू सिलिंडर की ब्लैक में कीमत 2000 रुपये! कोयले की भट्टी तो कहीं उपलों का इस्तेमाल करने पर लोग मजबूर

LPG Cylinders Cost Rs 2000 In Black: घरेलू सिलिंडर ब्लैक में 2000 रुपये की कीमत में मिल रहा है। इस वजह से कहीं कोयले की भट्टी तो कहीं उपलों का इस्तेमाल करने पर लोग मजबूर हैं।
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Apr 11, 2026
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LPG गैस किल्लत: घरेलू सिलिंडर की ब्लैक में कीमत 2000 रुपये! फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

LPG Cylinders Cost Rs 2000 In Black: उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में गैस सिलेंडर की भारी कमी ने स्ट्रीट फूड कारोबार को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई स्ट्रीट वेंडरों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ रही हैं, जबकि जो काम कर रहे हैं, वे भी भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

24 दिन में मिल रहा घरेलू सिलेंडर, ब्लैक में दोगुनी कीमत

शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति अब 24 दिन के अंतराल पर हो रही है। वहीं, बाजार में 910 रुपये का सिलेंडर ब्लैक में 2000 से 2500 रुपये तक बेचा जा रहा है। इस बढ़ती कीमत और कमी के चलते छोटे व्यापारियों की कमर टूट गई है।

उपले, लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने को मजबूर

गैस की किल्लत के कारण स्ट्रीट वेंडर अब पारंपरिक तरीकों पर लौटने को मजबूर हैं। चाट, बिरयानी, छोले, राजमा और चावल जैसे व्यंजन अब उपले, लकड़ी और कोयले की भट्ठियों पर तैयार किए जा रहे हैं। इससे ना केवल लागत बढ़ रही है, बल्कि काम की रफ्तार और गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।

30 से ज्यादा दुकानें बंद, बदल रहा कारोबार

परतापुर से मोहकमपुर के बीच चाय, बिरयानी और छोले-चावल के करीब 30 ठेले बंद हो चुके हैं। मुनाफा कम होने और लागत बढ़ने के कारण कई वेंडर अब गर्मी के मौसम का इंतजार कर रहे हैं, जिससे शिकंजी, जलजीरा और बेल के शरबत जैसे कम लागत वाले व्यवसाय शुरू कर सकें।

केस 1: अब्बास का बिरयानी ठेला संकट में

नई बस्ती निवासी अब्बास स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास बिरयानी का ठेला लगाते हैं। उन्होंने बताया कि अब वे घर पर उपले और कोयले पर बिरयानी तैयार करते हैं और ठेले पर केवल गर्म करने के लिए छोटा सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं। सिलेंडर की कमी के चलते आसपास कई दुकानदारों ने काम बंद कर दिया है।

केस 2: महेश कुमार का जुगाड़ से चल रहा काम

शिवपुरम निवासी महेश कुमार, जो चाट और मुरादाबादी दाल का ठेला लगाते हैं, फिलहाल रिश्तेदारों और पड़ोसियों से सिलेंडर उधार लेकर काम चला रहे हैं। घर पर लकड़ी और कोयले की भट्ठी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका कहना है कि महंगाई के कारण कई लोगों ने यह काम छोड़ दिया है।

केस 3: ओमवीर की बढ़ती लागत, घटता मुनाफा

देवतापुरम निवासी ओमवीर, जो दिल्ली रोड पर बिरयानी का ठेला लगाते हैं, बताते हैं कि ब्लैक में सिलेंडर 2500 रुपये तक मिल रहा है। लागत बढ़ने के बावजूद ग्राहकों को बनाए रखने के लिए उन्होंने कीमत नहीं बढ़ाई, जिससे मुनाफा लगभग खत्म हो गया है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो वे भी अपना काम बदल सकते हैं।

केस 4: गांव से सिलेंडर मंगवाने को मजबूर

शिवपुरम निवासी मोहित और उज्ज्वल, जो छोले-राजमा चावल का स्टॉल चलाते हैं, गांव से सिलेंडर मंगवा रहे हैं, जो 910 की जगह 1500 रुपये में मिल रहा है। इसके अलावा वे उपले और कोयले का भी सहारा ले रहे हैं।

शहरभर में असर, कई इलाकों में ठेले बंद

गैस की कमी और बढ़ती कीमतों का असर केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। कंकरखेड़ा, गंगानगर, जागृति विहार और गढ़ रोड जैसे इलाकों में भी कई स्ट्रीट फूड वेंडरों ने अपने ठेले बंद कर दिए हैं।

स्ट्रीट फूड कारोबार पर गहराता संकट

कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी और घरेलू सिलेंडर की सीमित आपूर्ति ने स्ट्रीट फूड कारोबार को संकट में डाल दिया है। अधिकतर वेंडर घरेलू सिलेंडर पर ही निर्भर हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। बता दें कि चारों केस स्टडी एक निजी चैनल द्वारा की गई बातचीत के आधार पर है।

Updated on:
11 Apr 2026 11:53 am
Published on:
11 Apr 2026 11:53 am