मेरठ

बकरीद पर यूपी के इस शहर में महागठबंधन का यह चेहरा सामने आया तो भाजपाइयों में होने लगी कानाफूसी!

र्इदगाह पर राजनीतिक दलों ने लोगों को दी मुबारकबाद

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Aug 22, 2018
बकरीद पर यूपी के इस शहर में महागठबंधन का यह चेहरा सामने आया तो भाजपाइयों में होने लगी कानाफूसी!

केपी त्रिपाठी, मेरठ। महागठबंधन 2019 की तैयारी के तहत ईद के मौके पर भी दलों के बीच एकता दिखाई दी। मेरठ में ईद-उल-अजहा के मौके पर विभिन्न पार्टी अपने-अपने कैंप लगाती है, जिससे कि वे मुस्लिम भाइयों को ईद की मुबारकबाद दे सकें और समाज में इस संदेश को प्रचारित कर सकें कि दल त्योहारों पर भी उनके नजदीक रहने का प्रयास करते हैं। मेरठ में हर बार की तरह इस ईदगाह पर राजनैतिक दलों के लगने वाले कैंपों का नजारा बदला हुआ था। पहले जहां दल अपने-अपने नेताओं के साथ मिलकर मुस्लिम भाइयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए फोटो खिंचवाने की होड़ में रहते थे। वहीं इस बार दलों के नेता आपस में गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते दिखे। इस बार नाजारा कुछ दूसरा ही था। इसे मोदी फोबिया कहें या फिर से भाजपा की सत्ता में वापसी का डर। जिसने उन दलों को भी ईद के मौके पर आपस में गले मिलवा दिया जो कभी ईद के मौके पर एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा दिया करते थे। समाजवादी पार्टी के कैंप पर बसपा के पदाधिकारी मौजूद थे और एक-दूसरे को बधाई दे रहे थे। वहीं बसपा के कैंप पर पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बसपाइयों को ईद की मुबारकबाद दी। मेरठ में ईद के मौके पर दिखा यह नाजारा जरूर महागठबंधन 2019 के गठजोड़ की मजबूती के लिए था।

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बड़े नेता हैं हज पर

हालांकि सभी दलों के बड़े नेता और मुस्लिम नेता इन दिनों हज की यात्रा पर हैं। इसलिए दलों के कैंप में जो भी नेता मौजूद रहे उन्हाेंने अन्य दलों के लोगों को गले लगाने और ईद की मुबारकबाद देने में तनिक भी संकोच नहीं किया।

नहीं दिखे भाजपा नेता और कार्यकर्ता

प्रदेश में सरकार किसी भी दल की रही हो। मेरठ की शाही ईदगाह में हमेशा से उसका कैंप लगता आया है। अधिकांश प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी इसी कैंप का हिस्सा बनते थे, लेकिन पिछले साल से देखने को मिल रहा है कि भाजपा का कोई कैंप ईदगाह पर नहीं लगाया जाता। हालांकि यह कोई पहली बार नहीं है। भाजपा ने कभी अपना कैंप ईदगाह पर नहीं लगाया, लेकिन लोगों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल होने के नाते तो कैंप लगाया जाना चाहिए। हालांकि महागठबंधन का यह चेहरा बकरीद पर देखने के बाद भाजपाइयों में इसकी चर्चा जरूर रही।

राजनीतिक दलों के नेताआें ने कहा

समाजवादी पार्टी के आदिल चैधरी ने कहा कि ईद जैसे पाक मौके पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इस बार हम सब ने एक-दूसरे को गले लगकर मुबारकबाद दी है। वहीं रालोद के राष्ट्रीय महासचिव डा. मैराजुद्दीन ने कहा कि सभी दलों को त्योहारों के पाक मौके पर मुबारकबाद देनी चाहिए। इस बार भी यही किया गया है। इससे चुनाव का कोई मतलब नहीं है। महाठबंधन तो बन ही गया है भाजपा काे जमीन में लगाने के लिए। कांग्रेसी नेता मोईनुददीन गुड्डू ने कहा कि कांग्रेस का कैंप तो हमेशा से लगता रहा है। कांग्रेसी तो ईद की मुबारकबाद हमेशा से देते आए हैं। इस बार नजारा कुछ बदला सा जरूर दिखा। ऐसे मौके पर सियासत ठीक नहीं।

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Published on:
22 Aug 2018 06:28 pm
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