मेरठ

Mahapanchayat : सगोत्रीय विवाह के विरोध में महापंचायत, पंचों ने युवक—युवती को दिया पांच दिन में अलग होने का अल्टीमेटम

Mahapanchayat in Meerut एक ही गांव के युवक और युवती को प्रेम विवाह करना भारी पड़ गया है। एक तरफ जहां परिवार वाले उनकी जान के दुश्मन बताए जा रहे हैं। वहीं गांव में हुई महापंचायत में दोनों को अलग होने का फरमान पंचों ने सुनाया है। इस महापंचायत में भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम भी उपस्थित थे। बताया जाता है कि ये प्रेम विवाह सगोत्रीय है और इसका चारों ओर गांव में भारी विरोध हो रहा है।

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Oct 03, 2022
सगोत्रीय विवाह के विरोध में महापंचायत में पंचों ने सुनाया अगल होने का फरमान
सगोत्रीय विवाह के विरोध में महापंचायत में पंचों ने सुनाया अगल होने का फरमान

Mahapanchayat in Meerut मेरठ के थाना सरूरपुर क्षेत्र के गांव गोटका में सगोत्रीय विवाह के विरोध में ठाकुरों ने महापंचायत का आयोजन किया। महापंचायत में क्षेत्र के ठाकुर समाज के लोग शामिल हुए। इस महापंचायत में भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम भी उपस्थिर रहे। बताया जाता है कि क्षेत्र के एक गांव के युवक ने पड़ोस में रहने वाली सगोत्री युवती से विवाह कर लिया था। जिसके बाद गांव में भारी रोष फैला हुआ है। गत रविवार को ठाकुर बिरादरी में इसका विरोध मुखर हो गया और गांव महापंचायत आयोजित की गई।


गोटका गांव में चल रही पंचायत में भाजपा के पूर्व एमएलए संगीत सोम भी पहुंचे। शिव मंदिर में चल रही पंचायत में कछवाहा व सोम चौबीसी सहित सभी ठाकुर गांवों से शामिल हुए। महापंचायत में वक्ताओं ने सगोत्र विवाह करने पर सामाजिक बहिष्कार करने की पहल पर चर्चा की। युवाओं से सोशल मीडिया से दूर रहने की अपील की गई। कॉलेज जाने वाले छात्रों की दिनचर्या पर अभिभावकों को ध्यान देने पर भी जोर दिया। कुछ दिन पूर्व गोटका गांव निवासी एक युवक ने पड़ोस की युवती से प्रेम विवाह कर लिया था।

इसके बाद युवक और युवती ने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के सामने पेश होकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। सगोत्रीय विवाह प्रकरण की सूचना ठाकुर बाहुल्य गांवों में पहुंची तो चारों ओर विरोध में आवाजें उठाने लगीं। महापंचायत में साठा-चौरासी और पुंडीर खाप सहित गांवों से ठाकुर समाज के गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी ने एक सुर में विवाह करने वालों को अलग करने पर सहमति जताई। युवती को उसके परिजनों को सौंपने की बात की गई। काफी देर चली पंचायत के बाद 21 लोगों को पंच बनाकर फैसला सुनाने का अधिकार दिया है। पंचायत के बुलावे पर लड़के के परिजनों ने पंचों से मुलाकात की और अपनी गलती मानी। लड़के पक्ष ने गलती सुधारने के लिए पांच दिन का समय मांगा है। पंचायत का कहना है कि यदि लड़का पक्ष अपनी भूल सुधार नहीं करेगा तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। मामले में अगली कार्रवाई पांच दिन का समय बीतने के बाद ही की जाएगी।

Published on:
03 Oct 2022 09:40 am