बेटे ने दी पार्थिव शरीर को मुखाग्नि तो सेना के बैंड ने बजाई मातमी धुन, फिजा में लगे रामसिंह अमर रहे और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
मेरठ. (meerut news) जम्मू के राजौरी में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए जेसीओ राम सिंह का अंतिम संस्कार सूरज कुंड पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ हुआ। उनके पार्थिव शरीर को पुत्र सोलन ने मुखाग्नि दी। जेसीओ रामसिंह का पार्थिव शरीर आने से पहले ईशापुरम उनके घर पर प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी अजय तिवारी व एसपी सिटी विनीत भटनागर पहुंचे और परिवार को सात्वंना दी और रिटायर्ड कैप्टन वीर सिंह रावत ने उन्हें अंतिम संस्कार की तैयारियों के बारे में बताया।
शाम को शहीद ( Martyr JCO Ram Singh ) का पार्थिव शरीर पहुंचा तो हर तरफ मातम पसर गया। अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पर भीड़ उमड़ पड़ी। उधर, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के लोग परिवार को संभालने में लगे हुए थे। शहीद के घर आसपास के लोगों का तांता लगा हुआ था। घर पर आने वाले अधिकतर लोगों में आसपास रह रहे सेना से सेवानिवृत्त सैनिक थे। घर पर कुछ देर रूकने के बाद शाम को ही शहीद के अंतिम संस्कार के लिए उनका पार्थिव शरीर सूरजकुंड लाया गया। इस दौरान उन्हें नमन करने के लिए बड़ी संख्या में मेरठ के हजारों लोग उपस्थित थे। सूरजकुंड पर शहीद रामसिंह अमर रहे और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। युवा तिरंगा लहरा रहे थे। शहीद के बेटे सोलन ने जैसे ही पिता को मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने धुन बजाकर उनको अंतिम विदाई दी।
आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकियों से लोहा लेते हुए मेरठ निवासी जेसीओ राम सिंह गुरुवार को शहीद हो गए थे। जेसीओ राम सिंह ने अंतिम समय में भी मातृभूमि के लिए अपना फर्ज अदा किया। बताया गया कि राम सिंह 27 जुलाई को एक महीने की छुट्टी के बाद जम्मू गए थे। वे राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट में तैनात थे, इसलिए आतंकी ऑपरेशन में उनका अक्सर आना-जाना रहता था। राम सिंह के पांच बच्चों में दो बेटी प्रियंका रावत और करिश्मा नेगी की शादी हो चुकी है। सात साल से उनका परिवार मेरठ के ईशापुरम के बी-28 में रह रहा है। बेटा सोलन एमकॉम की पढ़ाई करते हुए सीडीएस की तैयारी कर रहा है। छोटी बेटी मीनाक्षी और मनीषा पढ़ रही हैं।