प्राधिकरण की इस सुविधा से लोगों को काफी लाभ होगा
मेरठ। पुराने ढर्रे पर चल रहा मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) हार्इटेक होने जा रहा है। इसके लिए एमडीए अब अपना एक साफ्टवेयर बनवाने जा रहा है। जिसमें एमडीए से संबंधित समस्त योजनाओं की जानकारी होगी। यह साफ्टवेयर आम लोगों के लिए होगा। ताकि लोग जरूरत पड़ने पर एमडीए की विभिन्न योजनाओं की जानकारी ले सकें और पता कर सके कि कौन सी कालोनी या निर्माण अवैध है। अभी तक इस तरह की सुविधा पूरे प्रदेश में लखनऊ विकास प्राधिकरण में ही उपलब्ध थी।
ये सुविधा ले सकेंगे शहर के लोग
एमडीए के सॉफ्टवेयर के माध्यम से अवैध निर्माण, रजिस्ट्रेशन, संपत्ति, प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं से संबंधित सीवर, बिजली, पानी या अन्य कोई भी जानकारी के लिए ऑनलाइन जीआईएस मैपिंग के जरिए जानकारी हासिल की जा सकती हैं। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष साहब सिंह का कहना है कि इससे जनपद के लोगों को बहुत लाभ होगा। लखनऊ में प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गौकर्ण के साथ प्रदेश के सभी प्राधिकरण के उपाध्यक्ष तथा मुख्य अभियंता की मासिक समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
कम्पाउंडिंग के मामले में एमडीए टाॅप पर
प्रदेश के सभी प्राधिकरणों की तुलना में एमडीए कम्पाउंडिंग के मामले में टॉप होने पर वीसी साहब सिंह की प्रमुख सचिव ने पीठ थपथपाई गई। मेरठ में वीसी साहब सिंह के आने के बाद से करीब ढाई करोड़ रुपये की कम्पाउंडिंग प्रति माह हो रही है, जो पूर्व में लाखों में थी। एमडीए वीसी का कहना है कि यह कम्पाउंडिंग करीब साढ़े तीन करोड़ की हो चुकी है। वहीं मासिक समीक्षा में कई अहम मुद्दों पर भी शासन में चर्चा हुई। जिसमें प्रदेश के सभी प्राधिकरण की रैंक भी अब महावार तय होगी।
एमडीए की संपत्ति ऑनलाइन
एमडीए वीसी साहब सिंह के अनुसार अब प्राधिकरण की समस्त संपति का ब्योरा आनलाइन ही प्राप्त हो सकेगा। किसी भी योजना या प्राइवेट बिल्डर के बारे में भी पूरी जानकारी एमडीए ने अपनी वेबसाइट पर डाल दी है।