
यहां की मंडियों से गायब हो रही सब्जी, लोगों की जेब पर इस तरह भारी पड़ रही
मेरठ। जून के महीने में जहां मौसमी सब्जियों के भाव नीचे आ जाते थे। जून खत्म होने के बाद भी वे तेवर दिखा रही है। हालात यह है कि सब्जी मंडियों से ग्राहक गायब होने लगे हैं। भाव चढ़ती सब्जियों से लोगों का मोह खत्म हो गया है और लोग भोजन में दाल को नियमित रूप से शामिल कर रहे हैं।
इन कारणों से बढ़ गए सब्जियों के भाव
दिल्ली, मेरठ में अधिकांश मौसमी सब्जियां कोलकाता और नासिक से आती हैं, जबकि थोड़ा-बहुत सब्जियों का कोटा मेरठ और पश्चिम यूपी के किसान पूरा कर देते हैं, लेकिन इस बार किसानों ने सब्जियों की खेती पर दाव नहीं खेला। जिस कारण सब्जी मंडी पूरी तरह से कोलकाता और नासिक से आने वाली सब्जियों पर ही आश्रित हो गई है। वर्तमान समय में कोलकाता और नासिक से सब्जियों की आवक कम होने के कारण मौसमी सब्जियों के भाव इन दिनों चढ़े हुए हैं उनमें भिंडी, करेला, परवल, सेम, शिमला मिर्च आदि हैं। नींबू के भाव भी इन दिनों आसमान में है। थोक मंडी हो या फिर फुटकर मंडी। सभी में हरी सब्जियां महंगी हैं। मेरठ की सब्जी मंडी में भिंडी थोक भाव में 40 रूपये किग्रा है। थोक मंडी में सब्जी विक्रेता दिलावर सिंह के अनुसार माल अभी पूरी तरह से आ नहीं पा रहा है। जिस कारण सब्जियों में महंगाई अधिक है। इसके कम होने के भी कोई आसार नहीं दिख रहे। क्योंकि आने वाले समय में बरसात होगी और बरसात में वैसे भी बाढ़ आदि के कारण सब्जियों की आवक मंडियों में कम हो जाती है।
सूरत की भिंडी और नासिक का करेला
मेरठ और आसपास के क्षेत्र की मंडियों में इन दिनों सूरत की भिंडी लोगों को भा रही है। जो 40 से 45 रुपये किग्रा बिक रही है। वहीं कोलकाता और नासिक का करेला, परवल, शिमला मिर्च भी पूरे तेवर में है।
मेरठ मंडी में हरी सब्जियों के भाव
भिंडी 40-45 रुपये प्रति किग्रा
शिमला मिर्च 75 रुपये प्रति किग्रा
करेला 60-80 रुपये प्रति किग्रा
परवल 50-60 रुपये प्रति किग्रा
सेम 50 रुपये प्रति किग्रा
अरबी 60 रुपये प्रति किग्रा
Published on:
01 Jul 2018 10:34 am
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