
मेरठ. अगर आप भी मीट खाने के शौकीनों में से एक हैं तो ये खबर आपके लिए है। कहीं आप जो मीट खा रहे हैं, वह मरे हुए जानवर का तो नहीं है। जी हां, मेरठ में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो कि मरे हुए जानवरों का मीट सप्लाई कर रहा था। मेरठ पुलिस ने एक ऐसे मीट तस्कर गिरोह का खुलासा किया है, जो कि गोकशी और मुर्दा मवेशियों को काटकर उनका मीट विदेशों में सप्लाई करता था। इन तस्करों से पांच टन मीट बरामद हुआ है।
मेरठ पुलिस की ये बड़ी सफलता मानी जा रही है। ये तस्कर मीट को दिल्ली की एक एक्सपोर्ट कंपनी को भेजते थे। वहां से मीट बाहर विदेशों में भेजा जाता था। एसएसपी मेरठ अजस साहनी ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि मेरठ के थाना खरखौदा पुलिस ने चार मीट तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो कि गौकशी और मुर्दा मवेशियों को काटकर उनके मीट की सप्लाई किया करते थे। उन्होंने बताया कि इन लोगों के पास से पुलिस को पांच टन मांस बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने ऐसे मांस को खपाने का केंद्र चीन को बना रखा था। दिल्ली के जरिए ये मीट को चीन तक पहुंचाते थे।
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में एक तथाकथित पत्रकार भी शामिल है। एसएसपी ने बताया कि मेरठ की सर्विलांस टीम और थाना खरखौदा द्वारा यह खुलासा किया गया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोगों से गाय और भैंस का मांस बरामद हुआ है। उसको जांच के लिए लैब में भेज दिया गया है। एसएसपी के अनुसार ये लोग जिले के अन्य जगहों से मीट को खदीदते थे और फिर उसकी सप्लाई करते थे। उन्होंने बताया कि इनके साथ कुछ तथाकथित पत्रकार भी जुड़े हुए थे, जो कि थानों में जाकर डीलिंग करते थे। इसके अलावा कुछ अन्य लोग भी इनके साथ हैं। उनको पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई है। ये लोग दिल्ली की दो एक्सपोर्ट कंपनियों को मीट की सप्लाई करते थे। वहां से मीट को साफ करके और डिब्बों में पैक करके विदेश में सप्लाई किया जाता था। विदेश में मीट का सप्लाई का बड़ा केंद्र चाइना था। पकड़े गए लोगों से अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।