Meerut News: मेरठ में दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले ने सियासी तनाव बढ़ा दिया है। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा सांसद और विधायक को पुलिस ने टोल पर रोका, जिससे झड़प, जाम और भारी हंगामा हुआ।
Dalit murder sp leaders police clash Meerut:मेरठ जिले में दलित महिला की निर्मम हत्या और उसकी बेटी के कथित अपहरण की घटना ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सियासत को भी गरमा दिया है। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जा रहे सपा सांसद रामजीलाल सुमन और सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने परतापुर के प्रतापपुर टोल प्लाजा पर रोक दिया, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।
नेताओं को आगे जाने से रोके जाने पर सपा कार्यकर्ता भड़क उठे और पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक हो गई। मौके पर मौजूद समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
हंगामे के दौरान SP ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्रा और परतापुर थाना प्रभारी अजय शुक्ला के साथ विधायक अतुल प्रधान की धक्का-मुक्की की घटना कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में विधायक अफसरों पर नाराजगी जताते और पुलिस उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश करती नजर आ रही है।
घटना के बाद पुलिस ने मेरठ की सभी सीमाओं पर सतर्कता बढ़ा दी है और चेकिंग के बाद ही वाहनों को आगे जाने दिया जा रहा है। सुरक्षा कारणों से दौराला टोल प्लाजा पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इधर, भाजपा नेता संगीत सोम और हरेंद्र मलिक कपसाड़ गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले और हालात की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के भी परिवार से मिलने पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं।
गांव में तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर 10 थानों की पुलिस के साथ RAF और PAC की तैनाती की गई है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की लगातार समझाइश के बाद परिजनों ने 30 घंटे बाद मृतका का अंतिम संस्कार किया।
पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी कंपाउंडर अब तक फरार है और अगवा की गई बेटी का भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली है।
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात कर ढांढस बंधाया और तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। वहीं, विधायक अतुल प्रधान ने मौके पर दो लाख रुपये का चेक परिजनों को सौंपा।
पीड़ित परिवार आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और बेटी की सकुशल बरामदगी की मांग पर अड़ा है। लड़की के पिता ने कहा कि बेटी की शादी तय हो चुकी थी और इस घटना ने सब कुछ तबाह कर दिया। वहीं, भाई ने बहन की जान को गंभीर खतरा बताया है।