बेटी के जन्म लेने के बाद परिवार के लोग हैं बेहद खुश
मेरठ। 24 मर्इ 2017 को शास्त्रीनगर निवासी सराफा कारोबारी जगदीश वर्मा अपनी पोती कनक वर्मा को स्कूटी से ट्यूशन छोड़ने जा रहे थे। 14 वर्षीय कनक एमपीजीएस की छात्रा थी। पीवीएस माॅल के पास सामने से तेज गति से आ रहे ट्रक ने दादा-पोती को रौंद दिया था। यह इतनी वीभत्स दुर्घटना थी कि कनके के शरीर के दो टुकड़े हो गए थे। दादा जगदीश भी गंभीर रूप से सड़क पर ही पड़े थे। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने घटनास्थल के लिए दौड़ लगा दी थी। शरीर के दो हिस्सों में ही कनक ने करीब दस मिनट मां राजेश से बात की आैर अपनी जान बचाने की गुहार लगाती रही। इसके बाद अपनी मां को आर्इ लव यू कहकर आखिरी सांस ली थी। उसके दादा की भी आठ दिन बाद 'एम्स' में इलाज के दौरान मौत हो गर्इ थी। इस दुर्घटना का वीडियो वायरल हुआ था आैर इस वीडियो को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते थे। इसको लेकर नो एंट्री में भारी वाहनों के प्रवेश पर खूब बवाल भी मचा था।
सपने में बेटी ने कहा- मैं आ रही हूं मां
वर्मा परिवार बड़ी कठिनाइयों में था। कनक के पिता सुभाष व मां राजेश चाहते थे कि कनक उनके परिवार में फिर आए। इसके लिए मां वैष्णो देवी आैर मेंहदीपुर बाला जी भी मन्नत मांगने गए थे। आखिर वह दिन आ गया जब कनक की मां ने ठीक 17 महीने बाद बेटी को जन्म दिया। बेटी को जन्म देने के बाद मां राजेश ने कहा कि बेटी के जन्म देने के चार या पांच दिन पहले सपने में आकर कनक उनके आंसू पोंछती थी आैर कहती थी कि मां मैं आ रही हूं।
परिवार के लोग हैं बेहद खुश
पिता सुभाष को भी कनक सपने में कर्इ बार दिखार्इ दी। बेटी के जन्म के बाद पूरा परिवार बहुत खुश है। उनका मानना है कि यह बेटी कनक ही है, जो परिवार में फिर आ गर्इ। परिवार में कनक के दो भार्इ हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि घर में नया मेहमान आने से वे बेहद खुश हैं।