मेरठ

Navratri 2018: इस देवी मंदिर में जब से शुरू हुर्इ कपूर की आरती तब से क्षेत्र में नहीं हुर्इ महामारी से मौत!

सुबह पांच बजे होने वाली कपूर आरती में शामिल होते है मोहल्लेवासी, मां के दर्शन करने आते हैं दूर-दूर से लोग

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Oct 11, 2018
Navratri 2018: इस देवी के मंदिर में जब से शुरू हुर्इ कपूर की आरती तब से महामारी से नहीं हुर्इ मौत!

मेरठ। नवरात्रि में हर कोई अपने-अपने तरीके से देवी दुर्गा की भक्ति कर उनको खुश करने का प्रयास करता है। देवी भी अपने भक्तों को कभी नाराज नहीं करती। मेरठ में गढ़ रोड स्थित कालोनी है गांधी नगर। कालोनी का एक हिस्सा गढ़ रोड पर मिलता है तो दूसरा हिस्सा पीछे सूरजकुंड रोड की तरह से। कालोनी में रहने वाले मुकेश शर्मा की मानें तो करीब 70 साल पहले बसी रही इस कालोनी में लोगों में अज्ञात बीमारी महामारी का रूप ले चुकी थी। जिसके चलते 15 दिन के भीतर चार लोगों की मौत हो चुकी थी। उस दौरान सूरजकुंड की तरफ वाले भाग पर एक बड़ा बाग हुआ करता था। बाग में एक छोटा सा शिव मंदिर था। इस मंदिर में रहने वाले पुजारी शिवकुमार ने कालोनीवासियों से आग्रह किया कि मंदिर में देवी दुर्गा की मूर्ति को स्थापित कराया जाए। फिर क्या था सभी कालोनीवासियों ने मिलकर देवी की मूर्ति की स्थापना की।

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मूर्ति स्थापना के बाद हुर्इ मां की कृपा

मूर्ति को विधि-विधान से मंदिर में लाया गया और उसकी प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। उसके बाद से गांधी नगर कालोनी में ऐसी कोई बीमारी नहीं हुई जिसके कारण लोगों की मौत हो। कालोनीवासी इसे देवी माता का चमत्कार ही मानते हैं। जिनकी मंदिर में स्थापना के बाद से कालोनीवासियों पर उनकी कृपा बनी हुई है। मंदिर आई सरिता देवी कहती हैं कि नवरात्र के दिनों में प्रतिदिन सुबह पांच बजे होने वाली कपूर आरती में कालोनी के अधिकांश लोग सम्मलित होते हैं। उस कपूर आरती में देवी मां सबको आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

50 वर्ष से होती आ रही कपूर आरती

करीब 50 वर्ष से साल में आने वाले दोनों नवरात्रों में कपूर आरती बराबर होती आ रही है। सुबह पांच बजे होने वाली आरती में गांधी नगर के सभी छोटे-बड़े लोग शामिल होते हैं। देवी की यह आरती करीब 10 मिनट की होती है। जिसमें देवी की आरती और स्तुति तक की जाती है।

दूर-दूर से आते हैं देवी के दर्शन को

देवी दुर्गा के दर्शन को दूर-दूर से लोग आते हैं। वर्तमान में मंदिर के पुजारी पंडित भास्कर तिवारी का कहना है कि लोग सुबह पांच बजे यहां पर आते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। पांच बजे से सुबह छह बजे तक मंदिर में बहुत भीड़ होती है।

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Published on:
11 Oct 2018 06:19 pm
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